दम है तो तीनो ठाकरे बिना सुरक्षा के मुंबई में घूम कर दिखा दें: संजय निरूपम

अपनी बात रखते हुए निरूपम ने कहा कि 'मुझे सिर्फ राजनीतिक फायदों के लिये निशाना बनाया जा रहा है। मैंने कभी भी मुंबई बंद का ऐलान नहीं किया, मैने तो सिर्फ इतना कहा था कि मुंबई की लाइफ लाइन उत्तर भारतीयों के हाथ में हैं चाहे वह ऑटो और टैक्सी की सेवा हो या सब्जी-ठेले वाले हों या पानवाले हों। अगर ये लोग एक दिन के लिए भी काम बंद कर दें तो मुंबई ठप हो जाएगी।'
मालूम हो कि नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में संजय निरूपम ने कहा था कि यूपी और बिहार के लोगों के बिना मुंबई नहीं चल सकती और अगर ये चाह दें तो पूरे शहर की रफ्तार को एक साथ रुकावा दें। संजय ने कहा कि दूध हम लाएं, पेपर हम डालें अगर यूपी-बिहार वालों ने एक दिन तय कर लिया कि आज भैया काम नहीं करेंगे तो मुंबई बंद हो जाएगी। चलना-फिरना बंद हो जाएगा।
ऐसे में शिवसेना चुप बैठने वाली कहां थी। शिवसेना ने कार्याध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने फौरन संजय को निशाने पर लिया और फौरन एक कांफ्रेंस बुला डाली। मीडिया से मुखातिब होते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा था कि यह तो सिर्फ कांग्रेस की जुबानी राजनीति है और अगर दम है तो वह एक दिन के लिये मुंबई को बंद करा के दिखा दें। उद्धव ने संजय को धमकी देते हुए कहा कि उनके जितने दांत बाहर है वो सब उनके मुंह में चले जायेंगे। कांग्रेस भ्रष्टाचार में लिप्त है इसलिए ये फालतू बकवास की जा रही है।
इतना ही नहीं निरूपम के बयान से खपा शिव सेना ने उनके पोस्टरों पर कालिख पोतना शुरु कर दिया है। शिव सेना ने भी कहा है कि मुंबई में निरूपम का रहना मुश्किल हो जायेगा। निरूपम ने ठाकरे के इस धमकी पर जबाब देते हुए कहा कि मुझे धमकाने वाले सुन लें कि मैने आजतक कोई सुरक्षा नहीं मांगी। मैने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है और उनसे कहा है कि मेरी सुरक्षा वापस ले ली जाये।
लेकिन, तीनों ठाकरे जरा बगैर सुरक्षा के मुंबई में घूम कर दिखा दें। खैर तीनो ठाकरे की बात करें तो निरूपम ने किसी का नाम नहीं लिया है मगर उनके कहने का मतलब उद्धव ठाकरे, उनके पुत्र आदित्य और राज ठाकरे से था। उन्होंने शिव सेना सुप्रीमा बाल ठकारे को इस सूची में शामिल नहीं किया है। इस बावत निरूपम का कहना है कि बाला साहेब ठाकरे की मैं दिल से इज्जत करता हूं और उनके लिये मेरे मन में अलग ही जगह है।












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