हरियाणा में 28 हुक्का बार पर पड़े छापे

विभिन्न जिलों में चलाये गये छापामारी अभियान पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय आदेशों पर की गई जिसमें पंचकूला में 5 हुक्का बार से 7 नमूने, पानीपत में 5 हुक्का बार से 36 नमूने, गुडग़ांव के 7 हुक्का बार से 8 नमूने, फरीदाबाद के 2 हुक्का बार से 8 नमूने, रोहतक में 7 हुक्का बार से 11 नमूने, झज्जर एवं हिसार के एक-एक हुक्का बार से एक-एक नमूना लिया गया है। हुक्का बार से छापामारी के दौरान कब्जे में लिये गये उत्पाद का किसी भी विनिर्माता के पास दवा विनिर्माण लाइसेंस नहीं था। यह एक दण्डनीय अपराध है जिसमें कम से कम तीन साल की कैद एवं जर्माने का प्रावधान है।
क्या होते हैं हुक्का बार
हुक्का तंबाकू तीन प्रकार का होता है। पहला, बिना धुला हुआ तंबाकू, जिसमें निकोटीन 0.5 प्रतिशत होता है। दूसरा, धुला हुआ तंबाकू, जिसमें 0.05 निकोटीन होता है और तीसरा, हर्बल तंबाकू। मलैसज़ (शीरा) तंबाकू का उत्पाद मुख्यत: पश्चिमी अरब देशों में होता है और इसका आयात 50 ग्राम से एक किलोग्राम के भार में पैकेट में बंद गोलियों के रूप में विभिन्न लेवर जैसे चॉकलेट, स्ट्राबैरी, वनिला, लाइम इत्यादि में किया जाता है। मलैसज़ तंबाकू उपयोगकर्ताओं के लिए विषैला होता है और इसके लिए हुक्का बार
प्रत्येक सदस्य से प्रति घंटा 150 से 340 रुपये वसूल करते है।
एक औसतन 30 मिनट या अधिक के हुक्का धुम्रपान से एक सिगरेट से ज्यादा निकोटीन ग्रहण होता है और चूंकि यह पानी के माध्यम से जाता है, इसलिए धुएं से कार्बन मोनोआक्साइड और विभिन्न कैंसर जनक रसायन मीठे लेवर में शरीर में प्रवेश कर जाते है। आमतौर पर धारणा है कि हुक्का से पानी के माध्यम से तंबाकू ग्रहण करने से यह इसे ठंडा एवं स्वच्छ कर देता है लेकिन शोध के अनुसार यह इसे प्रभावकारी रूप से ठंडा तो करता है लेकिन छानता नहीं।












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