दिल्ली धमाका: रहस्‍यमय कागज को खा गये आतंकी

Delhi blast: Terrorists ate email paper
दिल्ली (ब्यूरो)। दिल्ली हाईकोर्ट धमाके के बाद हरकत-उल-जिहादी के नाम से ई-मेल भेजने वाले दो लड़कों को मेल का मजमून पेन ड्राइव में नहीं बल्कि कागज में लिख कर दिया गया था। आकाओं ने कहा था कि मेल करने के बाद उसे फाड़ कर मत फेंकना बल्कि खा जाना ताकि इस दुनिया में इसकी कोई सबूत ही न मिले।

मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के सूत्रों ने बताया कि पहले गिरफ्तार दो आरोपियों ने मजिस्ट्रेट के सामने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दिए बयान में यह बातें कही हैं। खास बात यह है कि इस धारा के तहत रिकार्ड किए गए बयान को अदालत सुबूत मान सकती है। गौरतलब है कि धमाके के बाद एनआईए ने किश्तवाड़ से भेजे गए इस मेल से ही अपनी जांच शुरू की थी। सूत्रों के मुताबिक उस वक्त किश्तवाड़ के दो आरोपियों आबिद हुसैन और आमिर ने एजेंसी को बताया था कि उसे किसी शख्स ने मेल के मजमून वाला पेन ड्राइव दिया था। अब करीब डेढ़ महीने बाद इन लड़कों ने मजिस्ट्रेट के सामने कागज वाली थ्योरी रख दी। इससे अभियोजन पक्ष के तौर पर एनआईए के लिए बड़ा फायदा माना जा रहा है। अब एजेंसी को तफ्तीश की कड़ी में इस अहम बिंदु को साबित करने के लिए पेन ड्राइव बरामद करने की सरदर्दी नहीं उठानी होगी।

एनआईए के मुताबिक दिल्ली धमाके के तार अब तक पाकिस्तान से जुड़ते नहीं दिख रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इस वारदात से बांग्लादेश और जम्मू-कश्मीर के संबंध पक्के तौर पर सामने आ रहे हैं। एजेंसी का दावा है कि किश्तवाड़ के तीसरे आरोपी वसीम अकरम ने साजिश को लेकर काफी अहम खुलासे किए हैं। वसीम ने आतंकियों के ऑपरेशन से संबंधित कई नई बातें भी एजेंसी को बताई हैं। एनआईए का मानना है कि किसी ठोस नतीजे पर पहुंचने से पहले अभी लंबा सफर तय करना है।

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