'किरण बेदी को भ्रष्ट कह सरकार अपने खिलाफ बारूद जमा कर रही है'
जिन्होंने कहना शुरू कर दिया है कि जिन खुराफाती दिमाग की उपज थी कि वो किरण बेदी के खिलाफ बयानबाजी करके टीम अन्ना को तोड़ सकेगें उन्हें उनकी ही चाल भारी पड़ गयी है। हुआ इसका ठीक उल्टा क्योंकि किरण बेदी के साथ लोग खडे़ हो गये हैं। जिस तरह से आम जनता अपनी प्रतिक्रिया दे रही है उससे लगता यही है कि जनता ये समझ रही है कि ये सब कुछ अन्ना और अन्ना टीम को तोड़ने के लिए हो रहा है।
फेसबुक पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने लिखा है कि अन्ना टीम के खिलाफ जो सरकार मुहिम चला रही है ना, उससे वो अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार रही है। उसे समझ में नहीं आ रहा कि ये सब कुछ उसके लिए एक बारूद का काम करेगा। जनता भ्रष्ट लोगों से तत्काल प्रभाव से मुक्ति चाहती हैं, इसलिए वो अन्ना का साथ दे रही है । छात्रों ने लिखा है कि वाकई में अगर सरकार पाक-साफ है तो उसे लोकपाल बिल जरूर से पारित कर देना चाहिए। अन्यथा वो लाख कोशिश कर ले वो कभी भी सत्ता में वापस नहीं आ पायेगी।
गौरतलब है कि इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक उनके ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। साल 1979 में देश के सम्मान वीरता पुरस्कार से सम्मानित की जा चुकी किरण बेदी को तब से ही एयर इंडिया की ओर से इकोनॉमी क्लास के किराए में 75 फीसदी की छूट मिलती है। लेकिन उनके ऊपर आरोप लगा है कि किरण बेदी किसी भी एनजीओ कार्यक्रम और सेमिनार में शामिल होने के लिए जाती हैं तो वहां के आयोजकों और कार्यक्रम वालों से पूरे वैसे वसूलती है। उनके ऊपर ये भी आरोप लगा है कि वो इकोनॉमी क्लास में सफर करके वह आयोजकों से बिजनेस क्लास का किराया मांगती हैं। जिसके जवाब में किरण बेदी ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है।













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