केजरीवाल पर हमला लोकतंत्र के खिलाफ: राजनाथ सिंह

उन्होंने कहा कि यदि किसी को किसी व्यक्ति से कोई वैचारिक मतभेद है तो वह शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध व्यक्त कर सकता है। मगर हिंसा और हमले का रास्ता निंदनीय है एवं जनतंत्र में इसके लिए कोई स्थान नहीं है। उल्लेखनीय है कि कश्मीर में जनमत संग्रह कराये जाने के सुझाव संबंधी बयान पर 12 अक्टूबर को टीम अन्ना के एक अन्य सदस्य प्रशांत भूषण पर कुछ युवकों के हमले के हफ्ते भर बाद मंगलवार को केजरीवाल यहां भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कार से मंच की तरफ जा रहे थे तभी जितेन्द्र पाठक नाम के एक व्यक्ति ने उन पर चप्पल फेंकी।
पुलिस हिरासत में आने के बाद पाठक ने पुलिस को बताया था कि उसकी अन्ना या फिर केजरीवाल से कोई जातिय दुश्मनी नहीं है मगर वह जनता को बरगला रहे हैं इसलिये उसने यह कदम उठाया है। मालूम हो कि कुछ दिन पहले प्रशात भूषण को उनके ही एक कमरे में एक युवक ने पीट दिया था। इसके पीछे कश्मीर मामले पर विवादास्पद बयान देना सामने आया था।












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