मायावती और सोनिया के बीच सांठ-गांठ

भारतीय जनता पार्टी ने मायावती पर आय से अधिक सम्पत्ति का आरोप लगाया लेकिन केन्द्र सरकार मामले को दबा गयी। केन्द्र सरकार ने इस पर कोई प्रतिक्रिया दर्ज नहीं करायी। केन्द्र की इस उदासीनता को केन्द्र बनाते हुए भाजपा के वरिष्ठi नेता मुख्तार नकवी ने कहा कि यदि मायावती ने भ्रष्टाचार के माध्यम से करोड़ों की सम्पत्ति अर्जित की है और उस पर यह आरोप लगा है तो केन्द्र सरकार को मामले की जांच अवश्य करानी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
नकवी ने कहा कि कांग्रेस सरकार मायावती के प्रत्येक कार्य से भली प्रकार परिचित है लेकिन वह कुछ करना नहीं चाहती जिसका कारण सीधा सा है कि दिल्ली में केन्द्र सरकार को मायावती ने समर्थन दिया है जिसके बादले में मायावती व सोनिया गांधी में समझौता हुआ है कि केन्द्र राज्य सरकार के सभी मामले की अनदेखी करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस व मायावती के बीच हुई डील को जनता के सामने उजागर होना चाहिए। उन्होंने जनता से अपील की कि वह कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी से यह प्रश्न अवश्य करें कि आखिर सोनिया व मायावती के बीच किस प्रकार का समझौता है। नकवी ने आईएएस प्रोमिला शंकर के मामले पर भी प्रतिक्रिया दर्ज करायी और कहा कि सरकार मनमानी पर उतारू है। राज्य में एक ऐसी व्यवस्था बनायी गयी है जिसमें सभी को हां में हां मिलाते हुए चलना पड़ता है जो भी इससे अलग जाने का प्रयास करता है उस पर कार्यवाही होती है। उन्होंने कहा कि कोई भी अधिकारी व कर्मचारी सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ बोले तो उसे सरकार की सख्ती का सामना करना पड़ जाता है जैसा कि आईएएस अधिकारी के साथ हुआ।












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