अब हर दस मिनट बाद गुडग़ांव में मिलेगी बस

उन्होंने कहा कि उद्देश्य यह है कि कोई भी क्षेत्र ऐसा ना हो जहां पर बस सेवा की बस 8 से 10 मिनट में ना पहुंचे। इन रूटों में तीन रूट नये गुडग़ांव में होंगे जो कि लूप की तरह बनाए जायेंगे। इन रूटों पर दिल्ली की मुद्रिका बस सेवा की तरह दोनों तरफ से बसों के चक्कर होंगे। इसी प्रकार पुराने गुडग़ांव में भी लगभग तीन रूट बनाने की योजना है और एक ट्रंक रूट मानेसर से दिल्ली के करोलबाग तक का होगा।
ट्रंक रूट पर लगभग 20 से 25 बसें चलाई जायेंगी। इन बसों के रूट इस प्रकार से बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं कि किसी भी बस को हाईवे पार ना करना पड़े क्योंकि हाईवे को पार करने में ज्यादा समय लगता है। जिस यात्री को पुराने गुडग़ांव से नये गुडग़ांव में जाना हो तो वह बस बदलकर अपने गणतव्य पर पहुंच सकता है।
नीले रंग की होगी बस
उन्होंने कहा कि आन्तरिक बस सेवा प्रात: 6.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे तक चालू रहेगी और इसमें चालक तथा परिचालक दो शिफ्टों में ड्iयूटी देंगे। प्रथम शिफ्ट प्रात: 6.00 से दोपहर 2.00 बजे तक की होगी और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे तक होगी। प्रारम्भिक तौर पर इन बसों का किराया दूरी के हिसाब से 5, 10 व 15 रूपए होगा तथा वातानुकूलित बसों का किराया थोड़ा ज्यादा निर्धारित किया जायेगा। इन बसों का रंग फरीदाबाद में चलाई जा रही बसों जैसा ही नीला रंग होगा।
ये बसें अम्बाला में तैयार करवाई जा रही हैं। इनके लिए सेक्टर 29 तथा राजीव चौक पर पार्किंग की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने बताया कि सेक्टर 29 में ट्रांसपोर्ट विभाग के पास बस स्टैण्ड के लिए तीन एकड़ जमीन पहले से उपलब्ध है जिसे अब विकसित किया जायेगा। आन्तरिक बस सेवा की बसें मैट्रो के लिए फीडर बसों का काम भी करेंगी, मैट्रो में आने व जाने वाले यात्री इस बस सेवा का लाभ ले पायेंगे।
ट्रांसपोर्ट महानिदेशक ने कहा कि आन्तरिक सिटी बस सेवा के लिए बस क्यू शैल्टर या बस स्टाप बनाने की जिम्मेदारी नगर निगम तथा हुडा विभाग की रहेगी। वे अपने-अपने क्षेत्र में क्यू शैल्टर बनवायेंगे और उन्हें इसके लिए डिजाईन बनाकर दे दिया जायेगा ताकि दोनों में एकरूपता रहे। इस बारे में नगर निगम तथा हुडा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की जा चुकी है जिसमें उन्होंने क्यू शैल्टर जल्द बनवाने का आश्वासन दिया है।
अरूण कुमार ने यह भी कहा कि इन क्यू शैल्टरों की वजह से बस सेवा प्रभावित नहीं होगी और जब तक दोनों ऐजेन्सियों द्वारा क्यू शैल्टर बनाए जायेंगे तब तक ट्रांसपोर्ट विभाग अस्थाई खंबे खड़े करके बसों के नम्बर व आगमन के समय आदि के बोर्ड लगवायेगा। बसों की उपलब्धता के बारे में अरूण कुमार ने कहा कि 40 सेमी लो-फ्लोर बसें अम्बाला में तैयार हो रही हैं तथा 15 से 20 वातानुकूलित बसें भी होंगी।
इनके अलावा, रोडवेज की 40 स्टैंडर्ड बसें आन्तरिक सिटी बस सेवा में लगाई जायेंगी। स्टैंडर्ड बसों के गेट थोड़े चौड़े करवाये जायेंगे ताकि यात्रियों को चढऩे व उतरने में आसानी रहे। इन सभी बसों में जीपीआरएस सिस्टम लगवाने की भी योजना है ताकि इन पर निगरानी रखी जा सके।












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