आडवाणी की फटकार के बाद येदियुरप्पा जेल गये

कर्नाटक का नाटक लगातार जारी है। भ्रष्टाचार में लिप्त येदियुरप्पा को जब जेल की सजा सुनाई गई, तो उन्होंने बीमारी का बहाना बनाया और अस्पताल में एडमिट हो गये। इस पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि अगर उनकी पार्टी भी भ्रष्टाचार की समस्या से जूझती रही तो फिर वह भ्रष्ट कांग्रेस के खिलाफ जीत नहीं पायेगी। आडवाणी ने कांग्रेस से कहा कि उसे सोमवार को सामने आये उपचुनाव के नतीजों को ध्यान में रखना चाहिये।
अगर संप्रग का कोई भी घटक दल अलग होने का फैसला कर ले तो सरकार कभी भी गिर सकती है। यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आडवाणी येदियुरप्पा के बारे में पूछे गये सवालों का जवाब टाल गये लेकिन बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि पार्टी को कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी के चलते शर्मिन्दगी का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि हमने अपनी आंतरिक कमजोरी को हल्के में लिया। हमने उन्हें आगाह किया था लेकिन एक बार जब (अवैध खनन पर लोकायुक्त की) रिपोर्ट सामने आयी तो उन्हें पद छोड़ना पड़ा। दूसरों की छोटी गलतियों से पार्टी नेतृत्व को शर्मसार होना पड़ा रहा है।
आडवाणी ने भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर येदियुरप्पा की गिरफ्तारी के संबंध में सवालों की बौछारों के बाद संवाददाताओं से कहा कि पार्टी ने गतिविधियों पर (येदियुरप्पा) को चेताया था। अवैध खनन घोटाले में कथित रूप से शामिल पूर्व मुख्यमंत्री का नाम सीधे तौर पर नहीं लेते हुए आडवाणी ने कहा कि कुछ अन्य लोगों द्वारा छोटी गलतियां पार्टी नेतृत्व को शर्मिंदा कर रही थीं। लड़खड़ाने के मौके पैदा हो सकते हैं इसलिए मैं पार्टी में हर किसी को सतर्क रहने के लिए बता रहा हूं।
काले धन और राजग सरकार के शासन काल में इस दिशा में उठाए गए कदमों के बारे में आडवाणी ने कहा कि उस समय कानून कठोर थे और स्विट्जरलैंड के बैंक कोई सूचना नहीं दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गंभीर आर्थिक संकट के बाद ही यूरोपीय देशों खासकर जर्मनी ने काला धन जमा करने वालों की सूची मांगी और आखिरकार इसे हासिल किया।












Click it and Unblock the Notifications