पूरी दुनिया में प्रवासियों संग हो रहा है नस्लवाद: यूएन

दक्षिण अफ्रीकी भारतीय नेता अहमद कथरादा ने नेलसन मंडेला के साथ रॉबेन आइलैंड पर कई वर्ष गुजारे थे। उन्होंने कहा नस्ली आधार पर समुदायों और समूहों का खाका तैयार करने का काम अब भी जारी है। बहुत सारे लोगों को सिर्फ मूल स्थान अथवा वंश परंपरा की वजह से नस्ली बहिष्कार, भेदभाव का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बहुत सारे लोगों को भेदभाव की वजह से दासों वाली स्थिति में रहना पड़ता है और अवैध क्रय-विक्रय का सामना करना पड़ता है।
नस्ल आधारित राजनैतिक तर्क को नियम के तौर पर मान्यता मिल रही है। पिल्लै ने कहा कि हालांकि वैश्वीकरण की वजह से इस तरह के रुखों पर रोक लगी है। लेकिन असमान विकास की वजह से देशों के बीच और देश के भीतर आर्थिक और सामाजिक विषमता में बढ़ोतरी हो रही है।












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