माओवादियों की मांद में ममता की ललकार, कहा हिम्मत है तो सामने आओ

मालूम हो कि शनिवार को राज्य के माओवादग्रस्त जनपद डाड़ग्राम के स्टेडियम में आयोजित रैली में कहा कि 'माओवादी सुपारी किलर है और उनका कोई आदर्श नहीं है'। हाल ही में तृणमूल नेताओं की माओवादियों द्वारा हत्या की निंदा करते हुए उन्होंने कहा, हमने शांति प्रक्रिया प्रारंभ की। शांति की ममता उम्मीद के साथ चार महीने से ज्यादा संयुक्त बलों का अभियान रोका। इसके बावजूद माओवादियों ने अपने वादे पर अमल नहीं किया और हिंसा करते रहे। यदि जंगलमहल (पश्चिम मेदिनीपुर, पुरुलिया और बांकुड़ा जिले) में शांति लौट आती है तो सुरक्षा बलों की कार्रवाई की जरूरत नहीं रह जाएगी।
लोगों को संबोधित करते हुए ममता ने कहा कि अब और हिंसा बर्दाश्त नहीं की जायेगी। ममता ने कहा कि हत्या और बातचीत का सिलसिला एक साथ नहीं चल सकता। उन्होंने कहा कि हम माओवादियों से बातचीत जारी रखने के पक्षधर हैं, लेकिन उन्हें हथियार डालने होंगे। उन्होंने माओवादियों से पूछा कि वे क्या चाहते हैं? राज्य सरकार उन्हें स्कूल, कॉलेज, सड़क, नौकरी इत्यादि सब कुछ देगी।
माओवादियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए ममता ने कहा कि ऐसा करने वालों को सरकार संरक्षण देगी। माओवादी जान चाहते हैं तो बताएं सभा में ममता बनर्जी ने कड़े अंदाज में कहा कि माओवादी मुझे मारना चाहते हैं तो बताएं। वे मुझे जहां मारना चाहते है, मैं वहां पहुंच जाऊंगी, मेरे साथ कोई पुलिसकर्मी भी नहीं होगा।












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