ब्यूटी पार्लर देहव्यापार का सबसे सुरक्षित अड्डा

विधवाएं, तालाकशुदा महिलाएं, गरीब परिवारों से संबंधित महिलाएं व लड़कियों का रूझान देह व्यापार की तरफ बढऩे लगा है, जिनमें से कुछ तो मजबूर है, जबकि कुछ अपनी देहित भूख मिटाने के लिए इस गिरोह में शामिल हो रही है और ब्यूटी पार्लर उनकी पहली पसंद है। ब्यूटी पार्लर की आड़ में सैक्स रैक्ट के कई मामले उजागर भी हा चुके है, मगर फिर भी धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है, क्योंकि ज्यादातर ब्यूटी पार्लरों को रंगीन मिजाज राजनेताओं तथा सरकारी तंत्र का संरक्षण प्राप्त है।
आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि दिल्ली तथा चंडीगढ़ में संपन्न घराने की महिलाएं भी क्षणिक यौन संतुष्टि के लिए न सिर्फ अपने जीवन साथी के विश्वास का हनन करती है, बल्कि देह व्यापार माफिया को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होती है। वर्तमान की नारी सैक्स भूख को एक आवश्यक भूख मानते हुए तथा जायका बदलने के लिए किसी भी लक्षमण रेखा को लांघने के लिए तैयार दिखाई देती नजर आने लगी है।
दिनों दिन बढ़ रही है दैहिक शोषण की घटनाएं
हरियाणा में जिस तेजी से लड़कियों की जनसंख्या घट रही है, उस कारण यहां यूपी, झारखंड, बिहार, असम व बंगाल से लड़कियों को शादी के बहाने यहां लाया जाता है और उन्हें पारिवारिक बंधन में बांधकर अपने परिजनों के बीच ही उनके दैहिक शोषण की घटना तेजी से बढ़ी है। यहां से शादी के नाम पर हरियाणा ले जाकर मार डाली गयी त्रपला को 30 हजार रूपये में खरीदा गया था और यह बात हत्या के आरोपी अजमेर सिंह ने स्वीकारी थी।
झारखंड से आदिवासी लड़कियां दलालों को 1000 से 1500 के बीच मिल जाती हैं। वहां के दलाल इनको दिल्ली के दलालों के हाथों 25-30 हजार में बेच देते हैं। फिर हरियाणा के दलाल दिल्ली से इन लड़कियों को खरीद कर हरियाणवी युवकों को जिन्हें शारीरिक सुख प्राप्त करने की लालसा होती है को 35-35 हजार में बेच देते हैं। दलालों को लगता है कि यह किसी परिवार के लिए फिट नहीं बैठ रही है तो उसका दैहिक शोषण विभिन्न तरीकों से करते हैं।












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