पत्रकार शिवानी हत्याकांड में पूर्व आईपीएस आरके शर्मा बरी

इस मामले में सुबूतों के अभाव का जो मामला सामने आ रहा है उसमें लगभग चालीस गवाह मुकर गए और एक गवाह ने तो हरियाणा पुलिस द्वारा प्रताडि़त करने की बात भी कही थी। इस पूरे मामले में पुलिस सुबूत इकट्ठा नहीं कर पाई थी। सुनवाई के दौरान गवाहों के अपने बयान से मुकर जाने की वजह से इसमें आरके शर्मा को बरी कर दिया गया।
इंडियन एक्सप्रेस की तेजतर्रार पत्रकार शिवानी भटनागर हत्याकांड में दो महीने तक दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद 21 दिसंबर, 2010 को हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। उधर शिवानी भटनागर के वकील ने इस मामले में अपनी दलील में कहा था कि फोन कॉल रिकार्ड में आरके शर्मा ने छेड़छाड़ कराई थी। इस मामले में वह काफी समय बाद गिरफ्तार हुआ था। उच्च कोर्ट द्वारा मामले में आरके शर्मा को राहत मिलने के बाद शिवानी भटनागर के परिवार के सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने की उम्मीद है।












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