भाजपा में एक से ज्यादा पीएम पद के दावेदार

इसलिए पार्टी से सीधे सवाल देश के पीएम पद के हो रहे हैं। पार्टी ने मोदी को आगे करके ये संकेत देने की कोशिश की अगर पार्टी को सत्ता का मौका मिला तो पीएम मोदी हो सकते हैं लेकिन आपको जानकर ताज्जुब होगा कि इस पार्टी के अंदर एक से ज्यादा ऐसे नेता है जो पीएम पद के दावेदार हैं और वो खुद को देश का प्रधानमंत्री होने का सपना देखते हैं। आईये नजर डालते हैं कि किन नेताओं के सपने में पीएम की कुर्सी आती है।
1. लाल कृष्ण आडवाणी : अपनी पूरी जिंदगी राजनीति को देने के बाद भी आडवाणी को वो रूतबा प्राप्त हुआ नहीं हुआ जो अटल बिहारी बाजपेयी का था। वो हमेशा अटल-आडवाणी की जोड़ी के ही रूप मे सराहे गये औऱ अटल जी के सेवानिवृत्त होने के बाद भी उन्हें वो जगह लोगों ने नहीं दी जिसका सपना संजोये वो बैठे हुए थे। पीएम इन वेटिंग के नाम से संबोधित किये जाने वाले आडवाणी को पिछले आमचुनाव में मुंह की खानी पड़ी।
जिसके चलते भाजपा को इस बार सबके सामने ये कहना पड़ा कि आगामी चुनाव में कोई भी नेता पीएम पद के नाम पर वोटिंग नहीं करेगा। लेकिन कहते हैं ना, तमन्ना हिचकोले मारती हैं, सो आडवाणी के ऊपर भी पीएम का भूत सवार है इसलिए उन्होंने रथयात्रा के जरिये आखिरी सियासी दांव खेला है, हो सकता है कि वो इस बार लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर सकें।
2. नरेन्द्र मोदी : पीएम पद के प्रमुख दावेदारों में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। एक तो दलित ऊपर से कट्टर। मोदी का सबसे बड़ा प्लस प्वाइंट ये है कि वो पिछले दस सालों से गुजरात में सत्तासीन है। तरक्की, नौकरी और सम्पन्नता के लिए किये गये उनके प्रयास लोगों को रास आ रहे हैं, जिसके चलते वो लोगों के प्रिय बनें हुए हैं। मोदी को लोग अच्छा और सफल शासक मानते हैं। लेकिन चांद की तरह मोदी के ऊपर भी एक दाग लगा है। और वो दाग है सांप्रदायिक दंगो का, जिसे धोने की कोशिश वो लगातार कर रहे हैं।
3. नीतीश कुमार : अशिक्षा और अपराध में खोया बिहार को सकून की नींद सुलाने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी लोग पीएम पद का दावेदार मान रहे हैं। बिहार को विकसित राज्य का सपना दिखाने वाले नीतीश कुमार ने बिहार में विकास का बिगुल फूंका और सफल भी रहे। जिसका नतीजा ये हुआ कि नीतीश को वहां की जनता ने दोबारा मौका दिया। एक पढ़े-लिखे बुद्धिजीवी नेता के रूप में शासन चलाने वाले नीतीश कुमार को लोग दिल से पसंद करते हैं। लेकिन मोदी से चिढने वाली उनकी मानसिकता के चलते वो भाजपा की राजनीति के शिकार हो सकते हैं।
4. सुषमा स्वराज : एक प्रखर महिला, विदूषी और दिमागी संतुलन की मालकिन सुषमा स्वराज का भी नाम पीएम लिस्ट में हैं। सबसे बड़ी बात वो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की विश्वासपत्र रह चुकीं है और संकट आने पर पार्टी के लिए एक ढ़ाल का भी काम किया है। लोग उन्हें सुनते भी हैं और समर्थन भी करते हैं। लेकिन वो आडवाणी की गुड लिस्ट में मानी जाती हैं इसलिए जो पार्टी नेता आडवाणी को पसंद नहीं करते उनके लिए सुषमा भी अच्छी नहीं है।
5. अरूण जेटली : अपनी जिंदगी का आधा सफर भाजपा के नाम कर देने वाले प्रख्यात अधिवक्ता अरूण जेटली भी इस रेस में शामिल हैं। लेकिन इनका नकारात्मक पहलू ये है कि इनके नाम पर भीड़ नहीं जुटती।
6. नीतीन गडकरी : पार्टी में खींचतान को रोकने वाले पार्टी अध्यक्ष नीतीन गडकरी को भी लोग पीएम रेस में मानते हैं क्योंकि एक तो उन्होंने पार्टी की कमान उस समय संभाली, जिस समय भाजपा संकट में थी। ऊपर से आरएसएस का समर्थन उनका कद बढ़ा देता है। पैसे से बहुत ज्यादा संपन्न गडकरी मोहन भागवत के बहुत करीबी हैं।
अब आप बताइये कि आपकी नजर में अगर भाजपा सत्ता में आती है तो किसे प्रधानमंत्री बनना चाहिए। वोट कीजिये और फिर नीचे कमेंट बॉक्स में अपने विचार लिखें-












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