पीएसी फिर से करेगी जांच 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की

समिति उनसे इस बात पर प्रश्न करेगी कि उन्होंने टू जी स्पेक्टम में हुए नुकसान का किस प्रकार से आंकलन किया। पीएसी अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने इस विषय पर अपनी व्यवस्था उस समय दी जब कांग्रेस सदस्य संजय निरूपम ने उन खबरों का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि कैग ने टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन में हुए नुकसान के आंकलन के संबंध में अपने कनिष्ठ अधिकारी की बात को नजरंदाज किया। सिंह 31 अगस्त को अपने पद से सेवानिवृत्त हो गए थे। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक विनोद राय और एक अन्य अधिकारी रेखा गुप्ता से भी टू जी स्पेक्टम में हुए नुकसान के आंकलन में अपनायी गई प्रक्रिया के बारे में पूछा था। संजय निरूपम ने इस मामले में पांच अक्तूबर को जोशी को एक पत्र भी लिखा था और कैग से पूछताछ को बैठक का एकमात्र एजेंडा बनाये जाने का आग्रह किया था।
टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में विपक्षों के हमले की धार को कुंद करने के उद्देश्य से निरूपम ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) को तलब किये जाने की मांग की जिस रिपोर्ट में 1.76 लाख करोड़ रूपये के अनुमानित नुकसान का उल्लेख किया गया है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत खुलासा हुआ है कि सिंह ने आपसी संवाद में टू जी स्पेक्टम मामले में 2,645 करोड़ रूपये के नुकसान की बात कही थी जो कैग की रिपोर्ट में दर्ज 1.76 लाख करोड़ रूपये के अनुमानित नुकसान से काफी कम है। कांग्रेस के सदस्य ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को अपने कनिष्ठ सहयोगी के टू जी स्पेक्टम मामले में 2,645 करोड़ रूपये का नुकसान होने की बात को नजरंदाज करने संबंधी खबरों का उल्लेख किया। निरूपम ने पीएसी के अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी को लिखे पत्र में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक विनोद राय उनकी सहयोगी रेखा गुप्ता और आडिटर आर पी सिंह को बुलाये जाने की मांग की थी। निरूपम ने कहा कि कैग अधिकारियों से पूछताछ बैठक का एकमात्र एजेंडा होना चाहिए ताकि समिति के सदस्य इस विषय पर विचार कर सकें और भविष्य की रूपरेखा तैयार करने पर निर्णय कर सके। पीएसी ने अपने मसौदा रिपोर्ट में टू जी स्पेक्टम घोटाले के सिलसिले में तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम की आलोचना की है और पहले आओ, पहले पाओ की नीति के आधार पर स्पेक्ट्रम का आवंटन करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय की आलोचना की। इस रिपोर्ट को हालांकि लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने जोशी को लौटा दिया था और इसे पूरी समिति ने स्वीकार नहीं किया था। पांच अक्तूबर को जोशी को लिखे पत्र में निरूपम ने कहा कि कैग से यह भी पूछा जाना चाहिए कि 1.76 लाख करोड़ रूपये के अनुमानित नुक्सान का आंकलन करने का कारण क्या था।












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