टॉप 200 संस्थानों में भारत की एक भी यूनिवर्सिटी नहीं

आईआईटी, आईआईएम सहित एक भी भारतीय विश्वविद्यालय दुनिया के शीर्ष 200 विश्वविद्यालयों की सूची में स्थान पाने में नाकाम रहे है। सूची में अमेरिकी विश्वविद्यालयों का बोलबाला है। दुनिया के शीर्ष 200 विश्वविद्यालयों की पहाड़ जैसी लंबी फेहरिस्त में एक भी भारतीय विश्वविधालय अपनी जगह नहीं बना सका, और विद्वानों का यह देश दुनिया के सामने फिसड्डी साबित हो गया। राष्टपति बराक ओबामा के अमेरिकी छात्रो को भारत और चीन के छात्रो से कड़ी प्रतियोगिता मिलने की चेतावनी के बावजूद भी इस सूचि में शीर्ष दस में से सात अमेरिकी संस्थान हैं।
ब्रिटेन का आक्सफोर्ड, कैंब्रिज और इंपीरियल कालेज लंदन ने जहां इस सूचि में अपना वर्चस्व बरकार रखा वहीं चीन के भी एक विश्वविद्यालय ने इस सूचि में अपनी उपस्थिती दर्ज करा ली। टाइम्स हायर एजुकेशन मैग्जीन की इस विश्व रैंकिंग में शीर्ष 200 में 75 अमेरिकी विश्वविद्यालय हैं। सूची में ब्रिटेन के 32 विश्वविद्यालय, जर्मनी के 12, नीदरलैंड के 12 और कनाडा के 9 विश्वविद्यालय शामिल हैं। हाल के वर्षो में उच्च शिक्षा में खर्च बढ़ाए जाने के भारत के दावों के बावजूद किसी भी भारतीय विश्वविद्यालय को इस सूची में शामिल करने योग्य नहीं समझा गया। सूची में ताईवान, ब्राजील, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका और चीन भी शामिल हैं ।
एक तरफ देश की वर्तमान सरकार देश में शिक्षा को बढावा देने की बेसुरी ढोल ही पीटती रह गयी, और दूसरी तरफ शिक्षा जगत का सहरा किसी और के माथे चढ़ गया। आपको बता दें कि हमारे देश की वर्तमान सरकार आये दिन यह दावें करती रहती है कि, सरकार सबसे ज्यादा देश के स्वास्थ, सुरक्षा और शिक्षा पर सबसे ज्यादा पैसे खर्च रही है। लेकिन जिन आंकड़ो से हम रूबरू हुए है, वो तो कुछ और ही दर्शातें है।












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