दिल्‍ली: रामलीला मैदान में घायल बच्ची की मौत

Six year old girl killed in mishap at Ramlila Maidan
दिल्ली (ब्यूरो)। दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में दशहरे के मौके पर पहली बार ऐसी घटना हुई है जिसमें एक बच्ची को अपनी जान गवानी पड़ी है। इस मेले में प्रधानमंत्री से लेकर सियासी गलियारे के कई दिग्गज यहां उपस्थित होते हैं। सूत्रों ने बताया कि पुतला दहन के मौके पर मेघनाद के पुतले की जलती बल्ली एक छह वर्षीय बच्ची भव्या के उपर गिर गई जिसके बाद भगदड़ मच गई। इस भड़दड़ में बच्ची की मौत हो गई। भव्या पहाड़गंज में रहने वाली थी और वह अपनी नानी के साथ दशहरे का मेला देखने आई थी।

सूत्रों ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम को रावण दहन के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी रामलीला मैदान पहुंची थीं। शाम 6.50 बजे प्रधानमंत्री ने पुतलों के दहन के लिए तीर चलाया। सबसे पहले मेघनाद फिर कुंभकर्ण और अंत में रावण का पुतला जला। अभी रावण का पुतला जल ही रहा था कि अति विशिष्ट अतिथि वहां से चले गए। इसके बाद रावण दहन देखने आई भीड़ भी धीरे-धीरे रामलीला मैदान से बाहर निकलने लगी। शाम करीब 7.15 बजे भव्या नानी का हाथ पकड़ रामलीला मैदान से बाहर जाने के लिए चारदीवारी के साथ-साथ चल रही थी। इसी बीच मेघनाद के पुतले को बांधने के लिए लगाई गई 20 फीट से अधिक लंबी बल्ली जलती हुई भव्या के सिर पर आ गिरी। भारी बल्ली गिरने से बच्ची का सिर फट गया।

रामलीला मैदान के गेट के पास खड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ी से बच्ची को तुरंत पास के लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने शाम 7.30 बजे उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचे बच्ची के परिजन में से अनुज ने बताया कि भव्या के पिता की पंजाब में चार साल पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद भव्या की मां पहाड़गंज स्थित दरिबापान स्थित अपने मायके आकर रहने लगी थीं। भव्या कक्षा एक की छात्रा थी

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