मध्य प्रदेश, रावण सिर्फ फूके ही नहीं पूजे भी जाते है

इस मौके पर सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में रावण की आरती हुई और प्रसाद भी बांटा गया। शहर के परदेशीपुरा क्षेत्र में रावण भक्तों के संगठन की शुरू की गयी दशानन पूजा की रिवायत को चालीस बरस से ज्यादा हो चुके हैं,जो हिंदुओं की प्रचलित धार्मिक मान्यताओं से एकदम अलग है।
इस रिवायत के पीछे संगठन का अपना तर्क है। गौहर ने कहा कि रावण भगवान शिव के परम भक्त और प्रकांड विद्वान थे। लिहाजा हम चाहते हैं कि दशहरे पर जगह..जगह रावण का दहन नहीं बल्कि उनकी पूजन हो। उन्होंने बताया कि वह शहर में रावण का मंदिर भी बनवा रहे हैं ताकि उनके आराध्य की हर रोज विधि..विधान से पूजा..अर्चना हो सके।












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