दिल्ली: ट्रेन में छात्राओं को छेड़ने वाले टीचर को राहत

न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर ने फैसले में कहा कि छात्राओं ने गुरु हरकिशन स्कूल के शिक्षक सुरेश कुमार पर शराब के नशे में होने और सरकारी स्कूल के शिक्षक वीपी सिंह और रमेश पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था, मगर जांच के बाद शिक्षक वीपी सिंह और रमेश को बहाल कर दिया गया। इतना ही नहीं छात्रा ने भी बयान बदल दिया और ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है कि याची शिक्षक ने शराब पी और आपत्तिजनक व्यवहार किया। वहीं उनकी सहयोगी महिला सहयोगी शिक्षिका ने भी सभी आरोप बेबुनियाद बताए है। स्कूल प्रशासन ने महिला शिक्षिका को मात्र चेतावनी दी जबकि याची को बर्खास्त कर दिया। अत: स्कूल प्रशासन का रवैया गलत है।
अदालत ने स्कूल प्रशासन की ओर से याची को 9 मई 2000 में बर्खास्त करने संबंधी फैसले को रद कर दिया। अदालत ने स्कूल को उसे बर्खास्तगी से अब तक का वेतन और 25 प्रतिशत भत्तों की राशि अदा करने का निर्देश दिया है। यदि उक्त स्कूल में अब म्यूजिक टीचर का पद रिक्त न हो तो उसे गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अधीन अन्य 16 स्कूलों में से किसी में भी नियुक्त किया जाए।
याची के अधिवक्ता ओपी सक्सेना ने तर्क रखा था कि उनका मुवक्किल स्कूल की तरफ से जनवरी 2000 में अहमदाबाद में आयोजित लोकगीत प्रतियोगिता में शामिल होने स्कूल की छात्राओं को लेकर गया था। वापसी में 19 जनवरी को ट्रेन में छात्राओं से अन्य टीचरों ने छेड़छाड़ की और उनके मुवक्किल पर शराब के नशे में धुत होने का गलत आरोप लगाया गया। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासन और जांच कमेटी ने बिना मौका दिए व तथ्यों की जांच किए बिना व जांच की पूरी प्रक्रिया के बिना ही उनके मुवक्किल को बर्खास्त कर दिया।












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