भारत और चीन में घटी महंगे तेल की खपत

रिपोर्ट में यह बताया गया है कि यह देखने में समय लगेगा कि यह मौसमी कारणों से है या कुछ और वजह से। चीन और भारत ने तेल का आयात घटाने के संकेत नहीं दिए हैं। यूएई ओपेक के गवर्नर और एडनैटको एवं एनजीएससीओ के महाप्रबंधक अली ओबैद अल याभौनी ने कहा कि वैश्विक आर्थिक संकट में नए अध्याय से तेल का बाजार प्रभावित नहीं होगा।
आपूर्ति पर कई साल से ध्यान देने के बाद अब यह प्रमाण मिल रहा है कि हमें मांग पर पैनी नजर रखने की जरूरत है भले ही उभरते देशों की तेल बाजार की मांग में हिस्सेदारी बढ़ रही है। अगर भारत की बात की जाए तो यहां तेल के इस्तेमाल में निश्चित तौर पर कमी आने की उम्मीद है। उसकी वजह यह है कि पिछले कुछ महीनों में यहां तेल की कीमतों में जबरदस्म उछाल आया है।












Click it and Unblock the Notifications