अमेरिका नहीं देगा भारत को पैसे

America will pass a bill to stop loaning
अमेरिका के एक प्रमुख सांसद ने सीनेट में एक संशोधन प्रस्ताव किया है जिसके तहत अमेरिका से कम से कम 10 अरब डालर कर्ज ले चुके देशों को विदेशी मदद बंद करने का प्रस्ताव है। अगर यह प्रस्तावित पारित हो जाता है तो इससे चीन, भारत, ब्राजील और रूस जैसे देश प्रभावित हो सकते हैं। अमेरिकी सीनेटर टाम कोबर्न ने कहा उन देशों से उधार लेना जो हमसे वित्तीय मदद लेते हैं दानदाता और दान प्राप्त करने वाला दोनों के लिए घातक है।

अमेरिका ने इसके पीछे दलील दी है कि अगर ये देश हमसे उधा लेने में सक्षम हैं तो वे खुद वित्तीय मदद कार्यक्रम की व्यवस्था कर सकते हैं। इसी के साथ जब हम ऐसे देशों से उधार लेते हैं जिनकी हम मदद कर रहे हैं हमारा बजट प्रभावित होता है। इससे एक-दूसरे पर निर्भरता और वित्तीय जोखिम बढ़ता है। सीनेटर ने कहा कि अमेरिकी सरकार ने 16 देशों को 1.4 अरब डालर विदेशी मदद दी है और इनमें चीन और रूस समेत प्रत्येक देश पर अमेरिका का कम से कम 10 अरब डालर का कर्ज है।

इस संशोधन से अमेरिकी करदाताओं को इस साल एक अरब डालर से अधिक की बचत होगी अन्यथा यह धन चीन या रूस से उधार लेना होगा और फिर इसे लौटाना होगा। अमेरिका इस समय विश्‍व अर्थव्‍यवस्‍था में सबको उधार देता है। अमेरिका की इस योजना का फायदा भारत को भी मिल रहा है। भारत भी अमेरिका से काफी उधार लेता है।

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