शादी ब्याह में पंडाल पर होने वाले खर्च सेवा कर के दायरे में: हाईकोर्ट

याचिका में दलील दी गयी थी कि उन्हें शादी-ब्याह में पंडाल लगाने पर सेवा कर से छूट दी जानी चाहिए क्योंकि यह प्राथमिक रूप से धार्मिक कार्यक्रम है। टेंट सेवा देने वालों ने दलील दी थी कि उन पर हिंदू विवाह समारोह में पंडाल या शामियाना लगाने को लेकर सेवा कर नहीं लगाया जाना चाहिए क्योंकि मूल रूप से यह पवित्र धार्मिक कार्यक्रम है तथा सेवा कर लगाने के लिये इसे सामाजिक समारोह नहीं कहा जा सकता।
बहरहाल, अदालत ने उनकी इस दलील को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा, हमें इस रिट याचिका में एेसी कोई महत्वूपर्ण बात नहीं लगी, अत: इसे खारिज किया जाता है। याचिकाकर्ताओं ने वित्त कानून, 2007 की धारा 135 ए प्रावधानों के तहत सेवा कर छूट देने का अनुरोध किया था। इस प्रावधान में कहा गया है कि सामाजिक कार्यक्रम के लिये सेवा देने वालों पर सेवा कर लगाया जाएगा लेकिन धार्मिक कार्यक्रम में उन्हें छूट मिलेगी।












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