राजबाला की अंत्योष्टि पर पहुंचे रामदेव, सुषमा स्वराज

राजबाला का मंगलवार को उनके पैतृक गांव भटाना में अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर योग गुरू बाबा रामदेव, आचार्य बालकिशन, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, भाजपा महिला की राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद स्मृति ईरानी, इनेलो सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री चौ. ओमप्रकाश चौटाला, पूर्व सांसद किशन सिंह सांगवान, सुधा यादव, विधायक कविता जैन, पूर्व विधायक नरेश यादव, सुखबीर फरमाणा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण पाल गुज्जर सहित बड़ी संख्या में सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धाजंलि दी।
उल्लेखनीय है कि सोनीपत जिले से संबंध रखने वाली राजबाला पत्नी जगबीर मलिक पिछले 30 वर्षों से गुडग़ांवा में ही रह रही थी, जहां उन्होंने सामाजिक कार्यों की शुरूआत की। वे गुडग़ांवा नगर परिषद की सदस्य भी चुनी गई। जब देश में बाबा रामदेव व अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम प्रारंभी की तो स्वाभिमानी, ईमानदार राजबाला का भी खून खोल गया। उन्होंने अप्रैल में अन्ना हजारे द्वारा किए गए प्रदर्शन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
राजबाला पंतजलि योग पीठ व भारत स्वाभिमान ट्रस्ट की सदस्य तो पहले से ही थी। जब बाबा रामदेव ने जून में रामलीला में भ्रष्टाचार की समाप्ति व कालेधन को वापस लाने की मांग को लेकर अनशन प्रारंभ किया तो राजबाला भी अपना पूरा समर्थन देने रामलीला मैदान पहुंच गई। घटना के समय राजबाला मंच पर आसीन थी। पुलिस के आते ही मंच पर आसीन महिलाओं ने बाबा रामदेव को सुरक्षा के लिए घेर लिया। इस दौरान पुलिस ने बाबा को पकडऩे के लिए महिलाओं पर बर्बरतापूर्ण हमला बोल दिया। जिसमें अन्य लोगों के साथ राजबाला भी गंभीररूप से घायल हो गई।
बेहोश राजबाला को मुम्बई के देवेन्द्र ने लोकनाय जयप्रकाश नारायण अस्पताल पहुंचाया। जहां ज्ञात हुआ कि राजबाला के गर्दन की हड्डी व रीढ की हड्डी में गंभीर चोट आई है। जिसके चलते गर्दन से ऊपर व पेट से नीचे के सारे अंग पक्षाघात का शिकार हो चुके हैं। लगभग साढ़े तीन महीने जिंदगी व मौत से जुझते हुए राजबाला ने सोमवार दम तोड़ दिया। शहीद राजबाला का शव आज उनके पैतृक गांव भटाना जाफराबाद लाया गया। जहां उनके पुत्र ने उन्हें मुखाग्नि दी।












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