विपक्षी दल पीडीपी ने किया विधानसभा का बहिष्कार

अचिह्नित कब्रों के मुद्दे पर पीडीपी का वाकआउट सदन की बैठक जैसे ही शुरू हुई पार्टी की नेता महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व में पीडीपी के सदस्य अपनी सीटों से खड़े हो गए और अध्यक्ष से कार्यस्थगन प्रस्ताव को मंजूर करने की मांग करने लगे। महबूबा ने अध्यक्ष से कहा कि आज बिजली और पानी जैसे मुद्दों को किनारे कर हमें संदेश देना चाहिये कि हम इस मुद्दे के लिये बेहद संजीदा हैं।
इस पर अध्यक्ष मोहम्मद अकबर लोन ने सदन को बताया कि इसी आशय का एक प्रस्ताव नेशनल काफ्रेंस के विधायक मीर सैफुल्लाह ने पेश किया था जिसे आज की कार्यसूची में शामिल किया गया है। उन्होंने विपक्ष से प्रश्नकाल चलने देने की अपील की। विपक्ष ने उनकी इस अपील के बाद भी अपनी मांग नहीं छोड़ी और कहा कि कब्रों का मुद्दा गंभीर है और इस पर किसी भी अन्य विषय से पहले चर्चा कराई जानी चाहिये।
महबूबा ने कहा कि यह बहुत शर्मनाक है कि इस विषय पर ब्रिटिश संसद में चर्चा हो चुकी है लेकिन अपने देश की ससंद में इसकी चर्चा नहीं हुई। सत्ताधारी दल नेशनल काफेंस और पीडीपी के सदस्यों के बीच इसको लेकर तीखी नोंक झोक शुरू हुई। प्रश्नकाल का समय समाप्त होने को था तभी अध्यक्ष ने घोषणा की कि स्थगन प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया गया है जिसके विरोध में पीडीपी के सदस्य सदन से उठकर चले गए।












Click it and Unblock the Notifications