चिंदबरम के कारण राजबाला की मौत हुई : बाबा रामदेव

क्योंकि अगर उन्होंने 5 जून की रात को लाठी चार्ज नहीं कराया होता तो राजबाला आज जिंदा होती। बाबा रामदेव ने काले धन के खिलाफ चल रही भ्रष्ट्राचार की लड़ाई में राजबाला की मौत को कुर्बानी करार दिया। उन्होंने कहा कि उनकी शहादत खाली नहीं जायेगी।
गौरतलब है कि योग गुरू बाबा रामदेव के सहयोगी राजबाला की सोमवार को जीबी पंत अस्पताल में मौत हो गयी। वो 51 साल की थी। राजबाला रामलीला मैदान में हुए पुलिसिया कार्रवाई की शिकार हुई थीं। राजबाला की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आईं थीं। राजबाला के परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस के लाठीचार्ज में उन्हें चोटें आईं। लेकिन पुलिस का कहना था कि वह भगदड़ में घायल हुई थीं। 5 जून से वह जीबी पंत अस्पताल की आईसीयू में भर्ती थीं।
कई बार उनकी सर्जरी भी की गई, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। यही नहीं राजबाला के घरवालों ने राजबाला का शव लेने से भी इंकार कर दिया था। उनका कहना था कि अस्पताल उनके पूरे इलाज का विवरण उन्हें नहीं सौंप रहा है।












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