सिखों पर आपमानजनक टिप्पणी करने वाले विधायक को माया ने निलंबित किया

बसपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हाजी याकूब ने विधानसभा के 2007 के चुनाव में अपनी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक प्रंट (यूडीएफ) पार्टी बनायी और मेरठ शहर सीट से चुनाव जीता। विधायकी जीतने के बाद याकूब ने अपनी पार्टी का बसपा में विलय कर लिया। उन्होंने कहा कि याकूब हमेशा ही विवाद में घिरे रहे और कई बार विवादास्पद बयान दे चुके हैं।
उन्होंने हाल ही में मेरठ में आधुनिक पशु वधशाला के शिलान्यास के मौके पर सिख समुदाय के प्रति आपत्तिजनक बयान दिया जिससे सिख समुदाय की भावनायें आहत हुईं और आक्रोश फैल गया। सिक्खों के आक्रोश को देखते हुए बसपा ने हाजी याकूब के बयान को अनुशासनहीनता के दायरे में कहते हुए उन्हें पार्टी से निलम्बित कर दिया। बसपा प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी सभी धर्मों का आदर करती है और साम्प्रदायिक सद्भाव और आपसी भाईचारे के आधार पर चलती है। मौर्य ने कहा कि अनुशासन का केरने वाले किसी भी पदाधिकारी का पार्टी में कोई स्थान नहीं है। ज्ञात हो कि बसपा बदायूं के बिल्सी से पार्टी के विधायक योगेन्द्र सागर. हमीरपुर से अशोक सिंह चंदेल और जौनपुर से सांसद धनंजय सिंह को पहले ही पार्टी से निलंबित कर चुकी है।












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