सेना के अधिकारी को पाकिस्तान ले जाने की फिराक में था फैजल

ज्ञात हो कि फैजल ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने एक दर्जन से अधिक पढ़े-लिखे नवयुवकों को यहां से पाकिस्तान भेज कर उन्हें वहां ट्रेनिंग दिलायी है। उसने बताया था कि उसका नेटवर्क देश के विभिन्न राज्यों में फैला हुआ है। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ था कि ट्रेनिंग के लिए गये युवाओं ने उसके गृह जनपद झारखण्ड रांची के तीन युवक भी शामिल हैं। खुफिया एजेंसियों को यह आशंका है कि फैजल ने जिन युवकों को एजेंट बनवाया है वह किसी न किसी रूप में यूपी में सक्रिय होंगे अत: आवश्यक है कि उनको खोजकर उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए।
फैजल के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने के बाद झारखण्ड व बिहार पुलिस ने यूपी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया है। ऐसा बताया जा रहा है कि दोनों राज्यों की पुलिस शीघ्र ही यूपी आयेगी। एटीएस की सूचना पर पुलिस ने फैजल के झारखण्ड के रॉची शहर में स्थित घर पर छापेमारी की जहां कई गोपनीय दस्तावेज व कई आईएसआई के अधिकारियों के नाम-पते व उनके मोबाइल नंबर बरामद हुए हैं। अब झारखण्ड पुलिस व खुफिया एजेंसियां इसके आगे की कड़ी जोडऩे में जुट गयी है।
एटीएस ने बताया कि फैजल के संबंध में अभी तक की गयी छानबीन में यह पता लगा है कि आईएसआई पन्द्रह लाख रुपये विभिन्न माध्यमों से उस तक पहुंचा चुकी है। पिछले आठ साल से आईएसआई से काम कर रहे झारखण्ड निवासी फैजल पाक सेना के मेजर सिकंदर के भी संपर्क में था। उसके पास से सिंकदर के मोबाइल नंबर व उसका ईमेल भी बरामद हुआ है। एटीएस सूत्रों ने बताया कि पाक सेना के मेजर सिकंदर ने फैजल से कहा था कि जिस दिन वह भारतीय सेना के एक भी अधिकारी आईएसआई के लिये काम करने के लिये पाकिस्तान लेकर आयेगा, उस दिन उसे (फैजल को) पाकिस्तान की नागरिकता तो मिलेगी ही साथ ही आईएसआई आजीवन उसका सारा खर्च भी उठायेगी। इस प्रलोभन से फैजल लगातार इस टास्क में लगा हुआ था।












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