रेलवे ट्रेक किनारे फैंक गई नवजात शिशु

उसकी उम्र मुश्किल से 48 घंटे की रही होगी। यह देख चंदू का दिल पसीजा जिसके बाद सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने इसे अस्पताल पहुंच दिया। ने एक रोते हुए बच्चे की आवाज सुनी। मां के आंचल की छांव से महरूम हुई इस नवजात बच्ची की हॉस्पिटल की नर्सों ने देखभाल की।
हॉस्पिटल के स्टाफ ने इस मामले की सूचना रेलवे पुलिस ने इस मामले में अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अभी इस मामले में पता लगा रही है कि किस हालत में फंसकर इस नवजात की मां ने उसे रेलवे ट्रेक के किनारे फैंक दिया? पुलिस आसपास के निजी अस्पतालों का रिकार्ड भी जांचा जा रहा है।
फिलहाल इस बच्चे को स्टील के दीपक से हर दो घंटे में डिब्बे का दूध पिलाया जा रहा है। नर्स दीपक से बूंद बूंद इस नन्ही जान के मुंह में दूध टपकाती हैं, तब जाकर इसका पेट भरता है। नर्स ने बताया कि बच्चे का वजन ढाई किलो से थोड़ा कम है मगर पूरी तरह तंदुरूस्त है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि बच्चे को गोद लेने के लिए 50 से अधिक आवेदन आ चुके हैं।












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