सड़क पर चलना और हवा में उड़ना होगा महंगा

इस सयम अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 89 डॉलर प्रति बैरल हैं। वहीं विमान में इस्तेमाल होने वाले ब्रेंट क्रूड की कीमत 110 डॉलर के ऊपर है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का कहना है कि उन्हें इस समय प्रतिलीटर 1 रुपए का नुकसान हो रहा है। सरकार ने पिछले साल पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों को विनियंत्रित कर दिया था। जिसके बाद सरकार तेल कंपनियों की रजामंदी के बाद तेल की कीमतें बढ़ा सकती है। इसी साल मई में पेट्रोल की कीमतों में 5 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से बढ़ोत्तरी हुई थी।
तेल की कीमतें बढ़ने के पीछे डॉलर के मुकाबले रुपए का कमजोर होना भी है। अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में डॉलर में ही लेन-देन होता है। जिस वजह से तेल कंपनियों को रुपए के कमजोर होने की वजह से नुकसान हो रहा है। इसका असर विमान के ईंधन के दामों पर भी पड़ रहा है। इस समय विमान के ईंधन की कीमत 56,260 रुपए प्रतिकिलोमीटर है। जिसमें 1250 रुपए प्रतिकिलोमीटर के हिसाब से बढ़ोत्तरी हो रही है। इस बढ़ोत्तरी के बाद विमान के किराए में भी बढ़ोत्तरी होगी। यानिकि अगर आप सड़क पर चलेंगे तो भी आपको महंगाई की मार झेलनी होगी और अगर हवा में उड़ेंगे फिर भी आप ज्यादा किराया देने के लिए तैयार रहें।












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