माशूका के चक्कर में मारा गया लश्कर का खूंखार आंतकवादी

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब्दुल्ला यूनी का असली नाम अजहर मलिक है। उसके पिता का नाम रियाज मलिक तथा वह मूल रूप से पाकिस्तान के मूल्तान शहर का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि मंगलवार की शाम मुखबिरों ने सूचना दी कि यूनी रात को सोपोर के एक इलाके में अपनी माशूका तबस्सुम से मिलने जा रहा है। मुखबिर ने पुलिस ने बताया वह रात को वहीं रुकने वाला है। सूत्रों की मानें तो यूनी ने तबस्सुम से शादी भी कर ली थी।
सूचना पाकर सुरक्षाबलों ने फौरन घेराबंदी कर ली। सुरक्षाबलों को देखकर यूनी पास ही स्थित एक महिला के घर में छुप गया। इसके बाद सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने मिलकर ऑपरेशन को आगे बढ़ाया और क्रास फायर के दौरान यूनी को मार गिराया। यूनी उस समय अपने साथियों के साथ था। साथियों ने अपने कमांडर को बचाने के लिये कवर फायर दिया मगर वह नाकाम रहे। खैर पुलिस के हाथों से बच निकलने में उसके साथी कामयाब हो गये। पुलिस और सुरक्षाबल उनको जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिये अभियान चला रही है। मुठभेड़ के दौरान छर्रे लगने से एसपी जख्मी हो गये जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि उनकी हालत अब खतरे से बाहर है।
अब्दुल्ला यूनी की करतूतें
अजहर मलिक बोले तो अब्दुल्ला यूनी लश्कर-ए-तैयबा का सक्रिय सदस्य था। वह अपने संगठन को भारत में पूरी तरह से कायम कर देने का संकल्प ले चुका था। पुलिस अधिकारियों की मानें तो वह संगंठन के लिये इतना वफादार था कि उसे डिवीजनल कमांडर बना दिया गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार 2005 से कश्मीर में सक्रिय अब्दुल्ला यूनी ने ही अप्रैल में श्रीनगर में एक मस्जिद के बाहर बम धमाके में जमायत-ए-अहल-ए-हदीस के प्रमुख मौलाना शौकत की हत्या की साजिश रची थी।












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