कानपुर मेडिकल कालेज के 29 दलित छात्रों में 25 फेल

कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कालेज (जीएसवीएम) में तीन छात्रों द्वारा आत्महत्या की कोशिश के मामला एक नया जातिवादी रंग लेता जा रहा है। एमबीबीएस प्रथम वर्ष के इन छात्रों ने बायोकेमेस्ट्री विषय में फेल होने के कारण आत्महत्या का प्रयास किया था और इस विषय में फेल हुए कुल 29 छात्रों में से 25 दलित हैं। फेल हुए छात्रों ने मांग की है कि उनकी परीक्षा की कॉपियों की जांच दोबारा करवाई जाए।
जीएसवीएम के प्रिसिंपल आनंद स्वरूप ने भी माना कि एमबीबीएस प्रथम वर्ष के बायोकेमिस्ट्री के पेपर में कुल 29 छात्र फेल हुए हैं, जिनमें से 25 छात्र दलित समाज से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी मिली है कि फेल छात्रों तथा उनके परिजनों ने कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति से मिलकर मांग की है कि उनकी बायोकेमिस्ट्री विषय की कॉपियों की जांच दोबारा करवाई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जरूरी हुआ तो कापियां दुबारा जांची जायेंगी।
गौरतलब है कि एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के तीन छात्रों शोभित, संजीव कुमार और विवेक ने दो सितंबर को देर रात नींद की गोलियां खा लीं थी। तीनों छात्र ब्वायज हास्टल वन में रहते थे। देर रात जब हास्टल में उनके सहयोगी छात्रों को पता चला तो वे उनके कमरे का दरवाजा तोड़ कर अंदर घुसे और इन तीनों को बेहोश पाया। बाद में तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से उन्हें दो दिनों के बाद ठीक होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया।












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