फिर दहली दिल्ली, 12 मरे, 70 घायल

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट के गेट नंबर पांच के पास एक बम विस्फोट हुआ है। विस्फोट में करीब तीन दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं जिसमें से पांच की हालत गंभीर है। अभी तक बम निरोधक दस्ता और प्रशासन के अधिकारी नहीं पहुंच सके हैं। विस्फोट 10.10 के करीब हुआ। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।
दिल्ली में धमाके के बाद मुम्बई में हाई अलर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर धमाके के बाद मुम्बई में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। हाल ही में मुम्बई में भी बड़ा बम धमाका हुआ था। जिस वजह से बम धमाके के 10 मिनट बाद ही मुम्बई में हाई अलर्ट घोषित किया जा चुका है।
10 मरे व 50 घायल
दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर हुए धमाके में 10 लोगों की मौत हो गई है और 50 लोग घायल हुए हैं। बम सूटकेट में रखा गया था। यह बम वहां रखा गया जहां सबसे ज्यादा भीड़ होती है।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर पहुंचे घटना स्थल पर
दिल्ली हाईकोर्ट के गेट नंबर पांच के पास विस्फोट की स्थिति का जायजा लेने के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर घटना स्थल पर पहुंच गए हैं। उनके साथ दिल्ली पुलिस के कुछ और अधिकारी भी पहुंचे हैं। वे घटना स्थल की जांच कर रहे हैं।
घटना स्थल से लोहे की कीलें बरामद हुई है इससे लगता है कि विस्फोट से ज्यादा से ज्यादा लोगों की हताहत करने की साजिश थी। बम एक डिब्बे में रखा गया था। पुलिस पूरे घटनास्थल को सील कर दिया है और अधिकारी पूरे इलाके की छानबीन कर रही है कि कहीं दूसरा बम भी तो नहीं है।
आपको बता दें कि आतंकी बम को हाईकोर्ट के गेट नंबर पांच के पास जानबूझ कर प्लांट किए थे क्योंकि यही से हाईकोर्ट के अंदर जाने के लिए पास बनता है। यहां अक्सर भीड़ रहती है। यह विस्फोट खुफिया विभाग की नाकामी का परिणाम है। क्योंकि यहां पहले भी विस्फोट हो चुका है। घायलों को राममनोहर लोहिया अस्पताल भेजा जा रहा है।
गौरतलब है कि 25 मई को दिल्ली हाईकोर्ट के गेट के पास कार स्टैंड पर खड़ी एक कार के पास कम तीव्रता का विस्फोट हुआ था, जिसके बाद इलाके में अफरातफरी मच गई थी। इस धमाके में कोई घायल नहीं हुआ था। पुलिस के मुताबिक विस्फोटक सामग्री एक पैकेट में छुपाकर एक वकील की कार के समीप रखी गई थी। ताज़ा अपडेट के लिए इसी पेज को रिफ्रेश करते रहें।
दिल्ली हाईकोर्ट परिसर में विस्फोट के बाद संसद में केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम आज बयान देंगे। माना जा रहा है कि 12.30 बजे के बाद वे संसद में बयान दे सकते हैं। उधर, दिल्ली में विस्फोट के बाद देशभर में संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विस्फोट के बाद गृहमंत्रालय में एक आपात बैठक बुलाई गई है जिसमें आगे की रणनीति पर विचार किया जा रहा है। उधर, यूपी से खबर है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की भी सुरक्षा ब़ढ़ा दी गई है।
विस्फोट बाद हेल्पलाइन नंबर जारी
घायलों ओर मरने वालों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए दिल्ली पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इस हादसे के शिकार लोगों के परिवार वाले 011-23404040 और 011-23365525 हेल्प लाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
सफेद लिबास में है आरोपी !
दिल्ली के हाईकोर्ट परिसर में किसने धमाका किया, बकौल एक चश्मदीद ने बताया कि मैं पांच नंबर गेट पर पास बनवाने के लिए खड़ा था। मैंने देखा कि वह अपने हाथ में एक सुटकेस लिए हुए था। वह सफेद लिबास में था। चश्मदीद का कहना है कि वह संभवतः ब्रिफकेस नहीं छोड़ पाया औऱ संभव है कि वह भी घायल हुआ हो। इसलिए पुलिस को घायलों और मृतकों में विस्फोट के सूत्र तलाशने चाहिए। यानी पुलिस के गिरफ्त में आ सकता है आरोपी।
लश्कर और आईएम का हाथ होने की आशंका: एनआईए
देश की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी एनआईए ने दिल्ली में हुए बम धमाके के पीछे लश्कर-ए-तैयबा और इंडियन मुजाहिद्दीन के मिलकर आतंकी हमले को अंजाम देने की आशंका जाहिर की है। इस बम धमाके में 10 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 70 लोग घायल हो चुके हैं। दिल्ली प्रशासन का कहना है कि इस धमाके में मरने वालों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है।
गृहमंत्री ने दिया संसद में बयान
दिल्ली हाईकोर्ट परिसर में विस्फोट के बाद केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने संसद में बयान देते हुए कहा कि दिल्ली हमेशा से ही आतंकियों के निशाने पर रही है। आज के विस्फोट में 9 लोगों की मौत हुई है औऱ 47 लोग घायल हुए हैं। चिदंबरम ने कहा कि एनआईए और एनएसजी की टीम मौके पर पहुंची हुई है।
सरकार जल्द ही अपराधियों को दबोच लेगी। चिदंबरम ने कहा कि यह आतंकी घटना है। इस बाबत खुफिया विभाग ने जुलाई में आशंका जताई थी कि दिल्ली में विस्फोट हो सकता है। उन्होंने संसद को आश्वासन दिया कि सरकार इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और जल्द ही अपराधियों पहुंच जाएगी।
इसके बाद लालकृष्ण आडवाणी ने संसद में कहा कि हमलोग इस घटना की निंदा करते हैं। सरकार ने जो आज आश्वासन दिया है उससे हमलोग सहमत हैं। उन्होंने कहा कि मैं माननीय अध्यक्ष महोदय से अनुरोध करूंगा कि सदन को स्थगित कर दिया जाय। इस मुद्दे पर हम सभी लोग सरकार के साथ हैं। वहीं वासुदेव आचार्य ने भी घटना की निंदा की।
उधर, दिल्ली के उपराज्यपाल ने भी घटना की जांच कराने की बात कही है। संवाददाताओं से उन्होंने कहा कि इसकी जांच की जरूरत है कि किस प्रकार कुछ ही दिनों के बाद यहां विस्फोट दूसरा विस्फोट हो गया।
दिल्ली में दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर हुए बम धमाके पर अपना बयान जारी करते हुए गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि देश इस समय आतंकियों के निशाने पर है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को खोजकर उनको सजा दी जाएगी।
विस्फोट में मरने वालों की संख्या 12 पहुंची
दिल्ली के बम ब्लास्ट में करीब 12 लोगों की मौत हो गई है और 55 लोग बुरी तरह से घायल हो गए हैं। घायलों में अभी कई की हालत गंभीर बनी हुई है। सूत्रों ने बताया कि अभी हताहतों की संख्या बढ़ सकती है। घायलों में दो महिलाएं और कई अधिवक्ता शामिल हैं। घायलों को राममनोहर लोहिया और एम्स तथा एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गहमंत्री और पी चिदंबरम विस्फोट की जगह पहुंचे
दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर हुए विस्फोट के शिकार हुए लोगों का जायजा लेने के लिए पहले गृहमंत्री पी चिदंबरम मौके पहुंचे इसके बाद मौके पर राज्य की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित भी पहुंची।
प्रधानमंत्री ने की देश से एकजुट होने की अपील
दिल्ली हाईकोर्ट परिसर में विस्फोट से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी आहत हैं। उन्होंने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए इस घटना की निंदा की और कहा कि वे गृहमंत्री पी. चिदंबरम के साथ लगातार संपर्क में बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि ढाका से वे शाम को स्वदेश लौट रहे हैं और आते ही वे चिदंबरम से मिलेंगे। उन्होंने देशवासियों से एकजुट होने की अपील की है।
घायलों को देखने राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंची शीला दीक्षित
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित 10 मिनट पहले राममनोहर लोहिया अस्पताल पहुंची है। वह घायलों से मिल रही है। आशा की जा रही है कि वह भी कुछ देर के बाद घटनास्थल पर पहुंचेंगी और इस पूरे मामले की जानकारी लेने की कोशिश करेंगी। मुख्यमंत्री से पहले दिल्ली के उपराज्यपाल राममनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचे और घायलों के बारे में जानकारी ली।
घायलों को देखने के लिए राम मनोहर लोहिया पहुंचे राहुल गांधी
दिल्ली हाईकोर्ट परिसर में हुए विस्फोट में घायलों को देखने के लिए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी भी राममनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचे। वे वहां करीब दस मिनट तक रुके और घायलों से मिलकर उनकी हालचाल जानी। राहुल गांधी से पहले भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी भी घायलों को देखने अस्पताल पहुंचे और जानकारी ली।
मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा
सरकार ने विस्फोट में मारे गए औऱ घायलों के लिए मुआवजा राशि घोषित कर दी है। खबर आ रही है कि सरकार मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपये जबकि घायलों को एक एक लाख रुपये देगी।












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