शिवसेना सांसद ने भी कहा, मैं हूं अन्ना

गौरतलब है कि सांसदों के घरों के सामने अन्ना समर्थकों के प्रदर्शन से घबराए सांसदों ने अब पार्टी से मुखर होकर आवाज उठाने लगे हैं। इसमें सबसे ज्यादा महाराष्ट्र के सांसद है जिन्होंने अन्ना को समर्थन दिया है क्योंकि उन्हें पता है कि महाराष्ट्र में अन्ना का प्रभाव कैसा है। अन्ना के खौफ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महाराष्ट्र से ताल्लुक रखने वाले केंद्र सरकार के एक मंत्री ने दो टूक कहा कि इस मौके पर अन्ना का विरोध करने का दुस्साहस शायद ही कोई करेगा। जाना जा सकता है कि अन्ना का आंदोलन शुरू होने के बाद से संप्रग का प्रभावी घटक होने के बावजूद राकांपा ने चुप्पी साध रखी है। जबकि राकांपा प्रमुख शरद पवार ने तो भ्रष्टाचार से निपटने के लिए बने मंत्री समूह से खुद को बहुत पहले ही अलग कर लिया था।
इतना ही नहीं, कांग्रेस के दत्तामेघे ने तो अन्ना के खिलाफ अपशब्द कहने वाले अपनी ही पार्टी के मनीष तिवारी से माफी मांगने की बात कह दी है। कांग्रेस सांसद प्रिया दत्त भी सरकारी लोकपाल को कमजोर ठहरा चुकी हैं। लोकसभा में अन्ना के लोकपाल की आलोचना कर चुके कांग्रेस के ही संजय निरूपम भी मंगलवार को अन्ना टोपी पहने नजर आए। जबकि उनकी पार्टी शुरू से जन लोकपाल के विरोध में मोर्चा खोले रही है और उस बहस में वे भी खूब बढ़-चढ़कर भाग ले रहे थे। आलम यह है कि केंद्रीय मंत्री तक अन्ना की आंधी से घबराने लगे हैं।












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