चौटाला परिवार पर कार्रवाई के लिए सर्वदलीय समिति

हुड्डा ने कहा कि इस समिति के सदस्यों का मनोनयन का निर्णय विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा द्वारा लिया जाएगा और सरकार उस रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जायेगी। विधायक रघुबीर सिंह कादियान ने इस सदन के पटल पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखकर न्यायालय द्वारा चार्ज शीट किये गये विपक्ष के नेता ओम प्रकाश चौटाला, विधानसभा सदस्य अजय सिंह चौटाला एवं अभय सिंह चौटाला से सदन की उच्च परंपराओं के दृष्टिiगत इस्तीफा देने की मांग भी की थी। हुड्डiा की ओर से संसदीय कार्य मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला आज विधानसभा में रघुबीर सिंह कादियान द्वारा लाये गये ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे।
भाजपा ने किया समिति का समर्थन
प्रस्ताव पर बोलते हुए भाजपा के कृष्ण पाल गुज्जर ने सदन की समिति बनाने के सुझाव का समर्थन करते हुए उन सभी ट्रस्टों व सोसायटीज की जमीनों की जांच करवाने की मांग की, जिन्होंने नियमों का उल्लंघन किया है। उन्होंने इस समिति में भ्रष्टiाचार का आरोप न लगने वाले सदस्यों को ही सम्मिलित करने का सुझाव भी दिया। इसके साथ ही उन्होंने महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट भिवानी को दी गई जमीन का मामला भी उठाया। उल्लेखनीय है कि यह जमीन 2001 में इनेलो-भाजपा कार्यकाल के दौरान दी गई थी। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर विधायक प्रो. संपत सिंह ने चर्चा में भाग लिया।
चौटाला परिवार पर ये मामले हैं दर्ज
ओम प्रकाश चौटाला, तत्कालीन मुख्यमंत्री और अजय सिंह चौटाला सहित 60 से अधिक लोगों के विरूद्ध मामले भ्रष्टाचार उन्मूलन के अंर्तगत दर्ज किए गए हैं। इनमें वर्ष 1999-2000 में हरियाणा में जूनियर बेसिक टै्रनिंग(जेबीटी) शिक्षकों की नियुक्तियों जिसमें 3026 जेबीटी शिक्षकों का चयन गलत सूचियों के आधार पर धांधली से किया गया था तथा आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के संबंध में 03-08-2011 को सीबीआई अदालत में आरोप तय करने का मामला विचाराधीन है। इसके अलावा चौ. देवीलाल मेमोरियल ट्रस्ट एवं चौधरी देवीलाल मेमोरियल सोसाइटी चौटाला परिवार के ट्रस्ट है का भी अधिकतर दान राशि का रिकार्ड गलत हैं।
इसके अतिरिक्त नई दिल्ली के वजीरपुर तथा गुडग़ांव के उद्योग विहार में प्रिंटिंग प्रैस की स्थापना के लिए जनसेवा ट्रस्ट को कीमती भूमि आवंटित की गई। बहरहाल, भूमि के आवंटन के उद्देश्यों का दुरुपयोग करते हुए बड़ी-बड़ी इमारतें बनाई गई और अनुमानत: पांच लाख रुपये प्रतिमास की दर से मारूति शोरूम तथा डीडी मोटर्स, बजीरपूर नामक वार्कशॉप और 21 लाख रुपये प्रतिमास की दर से मैसर्ज इण्डिया बूल्ज, गुडगांव को संपत्तियां किराए पर दी गई। दोनों ही स्थलों पर ऐसी कोई प्रिटिंग पै्रस स्थित नहीं है और ट्रस्ट द्वारा जॉब वर्क आधार पर जनसंदेश नामक एक समाचार-पत्र निकाला जा रहा है।












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