आईआईटी खड़गपुर के छात्रों को नहीं चाहिए था प्रधानमंत्री के हाथों सम्मान
दिल्ली।
जिस समय मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री बने थे उस समय देश का हर युवा उनसे मिलने की तम्मना रखता था। शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के हाथों हर छात्र शिक्षा का सम्मान चाहता था। लेकिन उनके दूसरे कार्यकाल में अब हालात बदलते हुए नजर आ रहे हैं। भ्रष्टाचार को लेकर अन्ना हजारे देश के हीरो और मनमोहन सिंह विलेन बन गए हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह आईआईटी खड़गपुर के छात्रों को डिग्री देने वाले थे। लेकिन यहां के छात्रों ने उनके हाथ से डिग्री लेने से मना कर दिया था। id="toptextpromo">आईआईटी
खड़गपुर के छात्रों पर अन्ना के सहयोगी अरविंद केजरीवाल की छाप है। जिन्होंने इसी इंस्टीट्यूट से पढ़ाई की थी। अब यहां के छात्र डिग्री देने के लिए होने वाले दीक्षांत समारोह में अन्ना हजारे का समर्थन करने के लिए गांधी टोपी पहनकर आने की मांग कर रहे हैं। आईआईटी खड़गपुर के छात्रों के इस फैसले ने अन्ना टीम के हौसले बढ़ा दिए हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुझे खुशी है कि जहां से मैंने पढ़ाई की है वहां के छात्र अन्ना के समर्थन और भ्रष्टाचार की खिलाफत में सामने आए हैं। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>आईआईटी
खड़गपुर ने इस मामले में छात्रों को समझाया कि इस तरह विरोध करना अच्छा नहीं है इसके बाद ही छात्रों ने प्रधानमंत्री के हाथों से डिग्री लेने का सम्मान लिया। इस समय अन्ना हजारे के अनशन की लहर पूरे देश में फैलती हुई नजर आ रही है। अन्ना हजारे ने अपने अनशन में छात्रों को भी शामिल होने की अपील की है। इसके बाद देश भर के छात्रों ने इस आंदोलन में हिस्सा लिया।











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