तिहाड़ जेल के कैदियों के लिए अन्ना बने भगवान!
नई
दिल्ली। तिहाड़ जेल के कैदियों में अन्ना हजारे भगवान बनकर उभरे हैं। इन कैदियों ने अन्ना के कमरे को इस रूप में स्वीकार किया जिस रूप में लोग मंदिर को स्वीकार करते हैं। वहीं जेल प्रबंधन अन्ना हजारे द्वारा इस्तेमाल किए गए सभी चीजों को सहेज कर रखने का फैसला किया है। सूत्रों ने बताया कि भविष्य में यह चीजें तिहाड़ जेल के म्युज़ियम में रखी जाएंगी। यही नहीं जेल नंबर 4 में उस जगह, जहां अन्ना को बंद किया गया था , उसे यहां आने वाले कैदियों केलिए प्रेरणा स्थल का नाम दिया जाएगा। जेल में रहते हुए अधिकतर वक्त अन्ना मराठी भाषा में अपने नोट पैड पर कुछ न कुछ लिखते रहते थे। id="toptextpromo">तिहाड़
जेल के डीआईजी आरएन. शर्मा ने कहा कि अन्ना हजारे द्वारा जेल में इस्तेमाल की गई चादर और तकियों को सहेज कर रखने की योजना है। आपको बता दें कि अन्ना 16 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल नंबर 4 में दोपहर 3:40 बजे लाया गया था। यहां उन्हें नए कैदियों के आने वाले मुलाहिजा वॉर्ड में रखा गया था। उसी दिन 4 घंटे 20 मिनट बाद यानी रात 8 बजे उनकी रिहाई के आदेश जेल प्रशासन के पास आ गए थे। मगर , उन्होंने जेल से बाहर जाने से मना कर दिया था। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>इसके
बाद रात 9 बजे उन्हें तिहाड़ जेल के डीजी ऑफिस में लाया गया था। अन्ना 68 घंटे बाद शुक्रवार सुबह 11:40 बजे जेल से बाहर आए। इससे पहले वह मुलाहिजा वॉर्ड के अंदर जमीन पर चादर बिछाकर अनशन पर बैठ गए थे। डीजी ऑफिस में और उनके ठहरने की जगह डीजी ऑफिस के बगल वाले कॉन्फ्रेंस हॉल में भी वह जमीन पर ही चादर बिछाकर बैठे थे। अब जेल नंबर -4 के मुलाहिजा वॉर्ड में जहां वह बंद हुए थे वहां काफी कैदी अपना सिर टेकने आ रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि जब भी कैदियों को मौका मिलता है प्रेरणा स्थल पर आने से नहीं चूकते। लोग बीच बीच में नारे भी लगा रहे हैं।











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