तीन साल के लिये रोहित नंदन बने एयर इंडिया के नये प्रमुख

शुक्रवार को लोकसभा में एयर इंडिया की वित्तीय बदहाली पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों के तीखे हमलों का सरकार के पास कोई जबाव नहीं था। भाजपा ने अरविंद जाधव की सीएमडी के तौर पर नियुक्त के फैसले को कटघरे में खड़ा करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय की भूमिका पर भी सवाल उठाए। जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री नारायण सामी ने यह तो जरूर कहा कि कंपनी की आर्थिक बदहाली के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को छोड़ा नहीं जाएगा। मगर उनके पास इस बात का जवाब नहीं था कि सरकार ने समय रहते इस कंपनी की दुर्दशा सुधारने की कोशिश क्यों नहीं की।
सरकार ने जाधव को हटाने का मन पहले ही बना लिया था। आज इस बारे में नागरिक उड्डयन मंत्री व्यालार रवि ने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी। बताते चलें कि जाधव की नियुक्ति शुरू से ही विवादों में घिरी रही। एयर इंडिया प्रमुख के चयन के लिए गठित समिति ने जाधव को अयोग्य ठहरा दिया था, लेकिन बाद में उनकी नियुक्ति कर दी गई। एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल में भी जाधव का अडि़यल रवैया सरकार के लिए काफी मुसीबत का कारण बना।
जाधव के निर्देश से लाभ अर्जित करने वाले रूटों को बंद किया गया। आज लोकसभा में भी जाधव विपक्षी दलों के निशाने पर रहे। सीपीआइ के गुरदास दास गुप्ता ने कहा कि एयर इंडिया की हालत सरकारी लूट का नतीजा है। उन्होंने पांच वर्ष पहले एयर इंडिया के लिए 68 नए विमान खरीदने के फैसले को विवादास्पद बताया। इन विमानों की खरीद पर अरबों रुपये खर्च किए गए लेकिन इनका पूरा इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय विमानन सेवा कंपनियों के हर जहाज नौ घंटे प्रतिदिन उड़ानें भरती हैं, लेकिन एयर इंडिया के विमान औसतन आठ घंटे ही उड़ते हैं। विदेशी पायलटों को क्यों ज्यादा वेतन पर लिया गया। भाजपा के मुरली मनोहर जोशी ने सीएमडी अरविंद जाधव की नियुक्ति को घपले की संज्ञा दी। उन्होंने कहा इसमें नागरिक उड्डयन मंत्रालय की नहीं, बल्कि वित्त मंत्रालय व प्रधानमंत्री कार्यालय की भूमिका रही है।












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