पद्मनाभ स्वामी का छठा तहखाना खुला तो तबाह हो जाएगी दुनिया

इस बात के पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि मंदिर का छठा ताहखाना भगचान विष्णु के आसन के नीचे है। ऐसे में उस ताहखाने को खोलना भगवान के इच्छा के खिलाफ होगा। खास बात तो यह है कि अगर उस ताहखाने को खोला गया तो जो विपदा आयेगी वह सिर्फ खोलने वालों के उपर ही नहीं बल्कि इससे जुड़े तमाम लोगों को झेलना पड़ेगा। तर्क तो यह भी दिया जा रहा है कि भगवान को गुस्सा आया तो ऐसी आपदा आयेगी कि पूरी दुनिया स्वाहा हो जायेगी।
आगे की बात करने से पहले हम आपको देव प्रश्नम के बारे में थोड़ी से जानकारी दे दें। देव प्रश्नम ज्योतिषियों का एक तरह का मंथन शिविर है। इस शिविर ने तमाम गणनाओं के बाद यह निष्कर्ष निकाला है। इस शिविर की अगुआई मुख्य पुजारी/तांत्रिक टीपी नंबूदरी ने की। उनके साथ पांच ज्योतिषियों की टीम इस काम में लगातार कई दिनों तक लगी रही। ज्योतिषी मधुर नारायण भट और पद्मनाभ शर्मा ने बताया कि जो कोई इस तहखाने को खोलने की कोशिश करेगा, उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
आपको बताते चलें कि पद्म्नाभ स्वामी मंदिर के पांच तहखानों को खोलने के बाद खरबों की संपत्ति मिली थी। यह सभी तहखाने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर खोले गये थे। मगर छठे तहखाने के संबंध में मंदिर प्रशासन का कहना है कि भगवान नहीं चाहमे कि छठा तहखाना खुले और मंदिर की संपत्ति बाहर जाये। मंदिर प्रशासन ने संपत्ति और तहखाने को लेकर दैवी इच्छा जानने के लिए देव प्रश्नम आयोजित किया।
इसके तहत ज्योतिष विद्या के आधार पर यह जाना गया कि भगवान क्या चाहते हैं। उसके बाद इस शिविर ने यह निर्ष्कर्ष निकाला कि मंदिर में में कर्मकांड और परंपरा निभाने में भारी चूक हुई है जिसका खामियाजा पूरे देश को भुगतना पड़ सकता है। उधर, सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति आधिकारिक तौर पर आंक रही है कि अब तक खजाने से मिली चीजों का मूल्य कितना है। गैर आधिकारिक अनुमान के मुताबिक इनका मूल्य एक लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा बताया जा रहा है।












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