भारत पर हमले की फिराक में 1300 पाकिस्तानी
आपको बताते चलें कि केन्द्र सरकार सुरक्षा एजेंसियों से ऑन लाइन माध्यम से यह जानकारी शेयर की है। सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों को बताया है कि बीते तीन साल के भीतर हजारों पाकिस्तानी वीजा के साथ भारत आये मगर उनमें से करीब 1300 पाकिस्तानी अब भी भारत में ही हैं, जबकि उनकी वीजा अवधि समाप्त हो गई है। लिहाजा सुरक्षा को लेकर सरकार काफी चिंतित है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि वर्ष 2005 में जब भारत और पाकिस्तान के बीच मोहाली में मैच खेला गया था उस समय बाघा के रास्ते से आये 11 पाकिस्तानी दर्शक लापता हो गये थे। उनका कोई पता नहीं चल सका था और जबतक पता चला तबतक वह अपने नापाक मंसूबों में कामयाब हो चुके थे। जी हां इन्हीं 11 पाकिस्तानी दर्शकों ने 26/11 हमले में अहम भूमिका निभाई थी और ताज होटल की रैकी की थी। इस बात का खुलासा एटीएस ने उनमें से 3 लोगों को गिरफ्तार कर किया था।
इतना ही नहीं आपको यह भी याद होगा कि क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 का पहला सेमीफाइनल मैच 30 मार्च 2011 को भारत और पाकिस्तान के बीच मोहाली में ही खेला गया था। खुफिया विभाग की रिपोर्ट की मानें तो इस दौरान भी 7 पाकिस्तानी दर्शक बाघा के रास्ते मोहाली मैच देखने आये थे। उसके बाद से ही वह लापता है। वह ना ही वापस पाकिस्तान गये और ही भारत में उनका कोई अता-पता है। इसे महज एक संयोग कहें या फिर आतंकियों की सोची समझी साजिश कि इस वाक्ये की महज तीन माह बाद मुंबई में सिलसिलेवार बम विस्फोट हो गये।
यह बात तो रही पाकिस्तानी नागरिकों के लापता होने और भारत में आतंकी हमले की कड़ी होने की। मगर अब निश्चित तौर पर इस विषय पर ध्यान देने की बात है कि भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पर्व 'स्वतंता दिवस' महज दो दिन दूर है और 1300 संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक भारत में ही गुप्त रूप से अपना डेरा डालें हुए हैं। अगर सुरक्षा व्यवस्था में थोड़ी सी भी चूक होती है तो यह निश्चित रूप से एक बड़े आतंकी हमले को दावत देने के समान होगा।













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