घोटाले रोकने के लिए सख्त कानून की आवश्यकता: अशोक सिंघल

सिंघल ने कहा कि घोटाला करना लूट करने जैसा है अत: घोटालेबाजों की तुलना डाकुओं से की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी डाकू हमारे देश में है लेकिन सरकार उनका दमन नहीं कर रही है। सिंघल ने कहा कि इसके लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की आवश्यकता चाहिए जो सरकार के पास नहीं है। सिंघल ने केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जितने घोटाला केन्द्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार के समय में हुए उतने पहले कभी नहीं हुए।
उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े घोटालों के लिए संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी भी जिम्मेदार हैं। सिंघल ने कहा कि जिस प्रकार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ एवं विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं पर मुकदमें थोपे जा रहे है उससे ऐसा लगता है कि यह सरकार के इशारे पर हो रहा है।
उन्होंने कहा कि अब तो हिन्दुओं को आतंकवादी कहा जा रहा है। धर्म परिवर्तन कराने वाली संस्थायें एवं नक्सलवादी किसी आतंकवादी से कम व खतरनाक नहीं हैं लेकिन केन्द्र सरकार उस पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह की भी आलोचना की। उनका कहना है कि वह व्यक्ति क्या बोल रहा है उसे ही पता नहीं। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार जानबूझकर मंदिरों, गंगा एवं गाय को नष्ट करा रही हैं।
हिन्दूओं के धार्मिक स्थलों पर मिलने वाले खजाने के बारे में उन्होंने कहा कि इन खजानों को भगवान का खजाना घोषित किया जाना चाहिए न कि सरकार उस पर कब्जा करे। सिंघल का कहना है कि किसी भी सरकार को इन खजानों की एक भी पाई लेने का अधिकार नहीं है। भगवान के खजाने का इस्तेमाल धर्मरक्षा, संवर्धन और धर्मान्तरण से बचाने के लिए होना चाहिए।












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