जोशी की पीएसी रिपोर्ट पर भड़की कांग्रेस

जोशी का कहना है कि कानूनी तौर पर यह रिपोर्ट पुरानी समिति का अपूर्ण एजेंडा है, जिस पर नई समिति संज्ञान लेने में सक्षम है।
इस रिपोर्ट के बाद कांग्रेस ने मुरली मनोहर जोशी पर आरोप लगाया है कि वह 2जी घोटाले पर विवादास्पद रिपोर्ट को महज कुछ बदलाव के साथ फिर से सदस्यों में बांट कर राजनीति कर रहे हैं और पक्षपातपूर्ण रवैए अपना रहे हैं। वहीं भाजपा ने कहा कि जोशी के इस कार्रवाई में कुछ भी गलत नहीं है। इसी के साथ समिति में इस रिपोर्ट को लेकर फिर से टकराव के आसार बन गए है।
जोशी पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए समिति के सदस्य कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने कहा कि 'यह रिपोर्ट कूड़े में फेंक दिए जाने लायक है। उन्होंने कहा कि पीएसी की पिछली बैठक में टूजी के मामले में यह निर्णय लिया गया था कि इस संबंध में संविधान विशेषज्ञों की राय ली जाएगी।
निरूपम ने कहा कि विशेषज्ञ की राय की प्रति सदस्यों में वितरित किए बगैर, हमारे अध्यक्ष ने उसी रिपोर्ट को बांटना शुरू कर दिया है जो कुड़े में फेंक दिए जाने लायक है। निरूपम ने मांग की कि भाजपा को उनके स्थान पर किसी और को नियुक्त करना चाहिए क्योंकि मौजूदा अध्यक्ष मर्यादा बिल्कुल भी कायम नहीं रख रहे हैं और मूलत: राजनीति कर रहे हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि स्पष्टत: अध्यक्ष और भाजपा समिति को राजनीतिक, पक्षपातपूर्ण और अन्य मंशा से ग्रस्त मंच में तब्दील करने पर तुली है। पीएसी अध्यक्ष या पीएसी संवैधानिक रूप से मृत पीएसी रिपोर्ट में जान फूंकने वाली कोई चिकित्सा इकाई नहीं है। लेकिन जोशी का बचाव करते हुए भाजपा नेता एसएस आहलूवालिया ने कहा कि रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को भेजी गई थी और उन्होंने कहा कि रिपोर्ट पारित नहीं हुई है। ऐसे में यह स्वभाविक है कि यदि रिपोर्ट समिति द्वारा पारित नहीं हुई है तो उसे पारित करने के लिए वितरित किया जाएगा। ऐसे में यदि यह वितरित की गई है, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
गौरतलब है कि जोशी को पहली रिपोर्ट को लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने लौटा दिया था।












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