मुसीबत में मायावती, बसपा के मंत्री पर मर्डर केस

प्रदेश की राजनीतिक हलचल कम नहीं हो रही है। बहुजन समाज पार्टी के विधायक व मंत्री एक एककर अपराधों व घोटालों में फंसते जा रहा है। ताजा उदाहरण पशुधन प्रसार मंत्री अवधपाल सिंह यादव का है। जिनका नाम तिहरे हत्याकाण्ड में आया है। हत्या के बाद ही परिजनों ने श्री यादव का नाम लेना शुरू कर दिया था परन्तु सत्ता पक्ष के दबाव में पुलिस उन पर हाथ डालने से कतरा रही थी। आखिर पुलिस की मुश्किलें उस वक्त आसान हो गयीं जब सीजेएम ने उन पर मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल के आदेश जारी कर दिए। सीजेएम बुद्ध सागर मिश्रा के इस आदेश के बाद पुलिस ने अपनी कार्यवाही शुरू कर दी है।
ज्ञात हो कि गत जून को जैथरा में एक सर्राफा करोबारी विजय वर्मा, पुत्र मिथुन व गनर संतोष को दिन दहाड़े गोली मार दी गयी थी। इस तिहरे हत्याकाण्ड के बाद परिजनों ने 16 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उस वक्त मंत्री व उनके परिजनों के नाम नहीं थी। 27 जून को गनर संतोष के भाई ने अनुरोध सिंह ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर मंत्री अवधपाल सिंह यादव, उनके पुत्र व भाईयों की संलिप्ता की आशंका व्यक्त की। प्रार्थना पत्र की सुनवाई करते हुए सीजेएम ने इन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्र्ज कर कार्यवाही के आदेश जारी कर दिए।
उधर लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा ने पहले ही श्री यादव के खिलाफ पद के दुरपयोग की एक रिपोर्ट सचिवालय भेज दी है। लोकायुक्त ने मंत्री को आरोपों के बारे में जवाब देने की जो समय सीमा तय की थी वह भी समाप्त हो चुकी है लेकिन मंत्री की ओर से कोई भी जवाब दालिख नहीं किया गया है। सूत्रों की माने तो लोकायुक्त की जांच में मंत्री पर जो आरोप लगाए गये हैं वह सभी सही पाए गए हैं अब देखना सिर्फइतना है कि मुख्यमंत्री अपने मंत्री पर कार्यवाही में कितना समय लेती हैं। मंत्री पर लगे आरोपों की बात करें तो ग्राम पंचायत की जमीन हड़पने से लेकर पद पर बैठकर अपने पुत्र को लाभ पहुंचाने जैसी कई शिकायतें है शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त के समक्ष कई कई दस्तावेज भी पेश किए हैं।












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