खेल घोटालों में आरोपी शीला दीक्षित इस्तीफा दें: बीजेपी

सीएजी ने शुक्रवार को राष्ट्रमंडल खेलों पर अपनी 743 पन्नों वाली रिपोर्ट पेश की थी। इसमें दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और पीएमओ कार्यालय पर भी उंगली उठाई गई है। इसमें पीएमओ को कलमाणी की नियुक्ति से लेकर उन्हें राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान खर्च की खुली छूट का भी आरोप लगाया था। 2004 में तत्कालीन खेल मंत्री सुनील दत्त ने भी पीएमओ कार्यालय को चिट्ठी लिखकर कलमाड़ी की नियुक्ति न करने की अपील की थी। इसके अलावा राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान तत्कालीन खेलमंत्री मणिशंकर अयर ने भी प्रधानमंत्री को कलमाड़ी के भ्रष्टाचार की जानाकरी दी थी।
भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस से सवाल पूछा कि अवैध खनन मामले में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा से इस्तीफे की मांग करने वाली कांग्रेस अब घोटालों में फंसी अपनी मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को हटाने का फैसला क्यों नहीं ले पा रही है। पार्टी कहना है कि कांग्रेस घोटालों के मामले में विरोधियों पर ही निशाना साध सकती है उसे अपने भी गिरेबान में झांककर देखना चाहिए।
घोटालों के मामलों में यूपीए सराकार को घेरने के लिए ही भारतीय जनता पार्टी ने दक्षिण में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की कुर्बानी दी थी। ऐसे में पार्टी अब घोटालों के मामलों में कांग्रेस को बख्शने के मूड़ में नहीं है। इसीलिए उसने इस मामले में अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। फिलहाल अब शीला दीक्षित के घोटाले में फंसने के बाद कांग्रेस उन्हें मुख्यमंत्री की गद्दी से हटाने का फैसला कर पाती है या नहीं।












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