यूपी विधानसभा में हंगामा, विधायकों ने फेंके कागज के गोले

विधान सभा के मानसून सत्र का पहला दिन हंगामे के नाम रहा। भारतीय जनता पार्टी ने हंगामे की शुरूआत की और सदन के भीतर नारेबाजी कर दी। विपक्षियों ने सरकार पर कई आरोप लगाए और सत्ता पक्ष के लोग उसका जवाब नहीं दे पाए। विपक्षियों ने सरकार पर जमीन घोटाले से लेकर बढ़ते अपराध तक कई आरोप लगाए। विपक्षियों ने सरकार पर आरोप लगाया कि बीते चार वर्षों में सिर्फ अपराधियों को फलने फूलले का मौका मिला।
विपक्षियों का कहना था कि किसानों की भूमि का जो नियम विरूद अधिग्रहण किया गया है वह उसकी भरपाई सरकार को करनी होगी। एक ओर विपक्षियों ने आरोप तो लगाए लेकिन सरकार को सफाई देने का समय नहीं दिया। भाजपा व सपा समेत सभी छोटे दलों के प्रतिनिधियों ने खड़े होकर विरोध दर्ज कराया। विपक्षियों ने सदन शुरू होते ही सरकार पर हमला बोला ऐसा लगा जैसे उन्होंने पहले से ही पूरी तैयारी कर रखी था तथा सोचा था कि सदन चलने नहीं दिया जाएगा।
कुछ ही देर में विपक्षी दल के विधायक अपनी सीट पर खड़े हो गए जिससे सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विधान सभा अध्यक्ष ने सोमवार तक के लिए सदन स्थगित कर दिया। उधर सवेरे सदन शुरू होते ही भाजपा कार्यकर्ता विधान भवन के सामने जुटने लगे थें सरकार काविरोध करते हुए उन्होंने सड़क पर जोरदार प्रदर्षन किया। प्रदर्षकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने एक बार फिर लाठी का प्रयोग किया और लाठियां पीट-पीट कर कार्यकर्ताओं को भगा दिया। भाजपाइयों का कहना था कि जब तक सदन चलेगा इस प्रकार के प्रदर्षन चलते रहेंगे तथा सरकार को जवाब देना होगा कि प्रदेष के जो हालात हैं उसके लिए कौन जिम्मेदार है।












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