बच्चे को अगवा कर बनाया घरेलू नौकर

राजधानी के तालकटोरा क्षेत्र में रहने वाले पारितोष कुमार के घर सवेरे पुलिस पहुंच गयी। पुलिस के साथ एंटी ह्यूमन ट्राफिकिंग सेल के कुछ लोग भी थे। पुलिस का कहना था कि उनके घर काम करने वाले आठ वर्ष के मासूम बच्चे से वह जबरन कार्य कराते हैं तथा उस पर अत्याचार करते हैं। पारितोष कुमार राज्य संग्रालय में कार्य करते हैं उन्होंने पहले तो यह मानने से ही इनकार कर दिया लेकिन जब बच्चे ने उनके राज खोले तो वह कुछ नहीं कह सके।
आठ वर्ष के मासूम ने पुलिस को बताया किस प्रकार उसके ऊपर अत्याचार होते हैं। बच्चे ने अपना नाम सूर्यकिशन बताया। उसने बताया कि वह बहराइच का रहने वाला है। बच्चा अपने घर का पूरा पता नहीं बता सका। एंटी ह्यूमन ट्राफिकिंग सेल का कहना है कि उन्हें सूचना मिली कि राजाजीपुरम सेक्टर ई के एक मकान में एक आठ साल के बच्चे को बंधक बनाया गया है।
बच्चे द्वारा पारितोष का कच्चा चिठठा बयां करने के बाद जब पुलिस ने कड़ाई की तो परितोष ने बताया कि एक सप्ताह पहले उसके एक रिश्तेदार झगडू़ ने यह बच्चा उसे लाकर दिया था। तब से बच्चा उनके घर पर घरूलू काम करता था। पारितोष की पत्नी अंशू एलपीएस स्कूल में अध्यापिका हैं। दोनों लोग सुबह किशोर को घर में ही बंद करके बाहर से ताला लगाकर नौकरी पर चले जाते थे। जब तक कोई वापस नहीं आता था बच्चा घर में ही बंद रहता था।
पुलिस ने इस मामले में पारितोष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है कि उक्त मामले में और किसी-किसी की संलिप्ता है। पुलिस ने कहा कि सूचना मिली है कि पारितोष ने बच्चे को अगवा किया था और रिश्तेदार की बात मनगढंत हैं हालांकि रिश्तेदार की खोजबीन की जा रही है।












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