उत्तर प्रदेश: एनआरएचएम घोटाले में कुछ और लोग फंसे

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में हुए करोड़ो के घोटाले परत दर पतर खुलने शुरू हो गए। सीबीआई जांच के आदेश के एक सप्ताह के भीतर ही उन लोगों के नाम सामने आ गए जो अब तक पर्दे के पीछे पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए थे। महानिदेशक के पर रहे डा. एसपी राम पर आरोप लगा कि उन्होंने अपने कार्य क्षेत्र से बाहर जाकर पांच करोड़ के दवा क्रय के टेंडर स्वीकृत किए।
हालांकि सीबीआई को अभी इस बात के सबूत नहीं मिले हैं कि दवा क्रय में डा. राम की भूमिका सही थी या गलत लेकिन विभाग में जिस प्रकार की सुगबुगाहट शुरू हुई हैं उससे यह कहा जा रहा है कि डा. राम का इन घोटालो से गहरा नाता है। डा. राम के अतिरिक्त डा. ऊषा नारायण व राजीव बंसवाल को भी घोटालों के तहत जार्च शीट थमाई गयी। राजीव बंसवाल की कार्यप्रणाली पर नजर डालें तो इन्हें पूर्व सीएमओ डा. शुक्ला के बेहद करीबी माना जाता था।
परिवार कल्याण में तैनाती होने के बावजूद श्री बंसवाल अधिकांश समय डा. शुक्ला के कमरे में बैठे रहते हैं। श्री बंसवाल के कार्य करने का अंदाज था कि डा. शुल्का के सभी सरकारी कार्यक्रमों यहां तक की टीबी जागरूकता जैसे कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति सबसे महत्वपूर्ण थे। ऐसे में श्री बंसवाल को चार्ज शीट मिलने से किसी को भी काई आश्चर्य नहीं है।
सूत्र की माने तो श्री बंसवाल से यदि उचित प्रकार पूछताछ हुई तो कई राज खुल सकते हैं जिन पर से अभी पर्दा नहीं उठा है। ज्ञात हो कि औषधि एवं उपकरण खरीद में भारी धांधली की गयी है। महानिदेशक को एक बार में दस लाख के क्रय टेण्डर का अधिकार बावजूद मनमानी पर उतारू महानिदेशक डा. राम ने पांच करोड़ के टेण्डर कर डाले। उधर कैग भी अपनी जांच में जुटी हुई है। साथ ही सीएमओ हत्याकाण्ड में सीबीआई ने मामला दर्ज करा दिया है।












Click it and Unblock the Notifications