यूपी: एनआरएचएम घोटाले की जांच भी सीबीआई को

यदि सीबीआई जांच में उनके नाम उजागर होते हैं तो सरकार की काफी फजीहत होगी। दवा खरीद, एम्बुलेंस खरीद, बिस्तर खरीद व घटिया निर्माण कार्य प्रदेश के स्वास्थ्य महकमें पर पिछल कुछ वर्षों में ऐसे कार्य हुए जो सीधे तौर पर विभाग में चल रहे गोरखधंधे की ओर इशारा करते हैं। इसके बाद एक के बाद एक तीन चिकित्साधिकारियों की हत्याओं ने साबित कर दिया कि कहीं न कहीं कोई बड़ा खेल चल रहा है।
इन सभी बातों तथा एनआरएचएम घोटाले की जांच के सम्बंध में हाई कोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति प्रदीपकांत और न्यायमूर्ति रितुराज अवस्थी की खण्डपीठ ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने परिवार कल्याण विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी विनोद आर्या और बी.पी. सिंह की हत्या तथा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में हुये घोटाले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो से कराने का आदेश जारी कर दिया।
न्यायालय ने 22 जुलाई को सुनवाई के बाद अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया था। खंडपीठ ने कहा कि जांच एजेंसी तीन महीने में अपनी रिपोर्ट न्यायालय के सामने पेश करे। ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश सरकार पिछली 20 जुलाई को ही मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश कर चुकी है।












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