अजित को राजनीति की समझ नहीं: सपा

उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह ने तो बड़े परिप्रेक्ष्य में रालोद को समाजवादी पार्टी के साथ जुड़ जाने के लिए कहा था किन्तु श्री अजीत सिंह यदि अपने को सीमित ही रखना चाहते हैं तो यह उनका अपना चुनाव होगा। सपा प्रवक्ता ने मुलायम को किसानों का सच्चा हमदर्द बताते हुए कहा कि सपा ने अपने नीति कार्यक्रम में किसानों को केन्द्र बिन्दु में रखा।
जब श्री यादव सत्ता में आए तो उन्होने बजट का 70 प्रतिशत हिस्सा गांवो और किसानों के कल्याण पर खर्च करने का प्राविधान किया। उन्होने विधान भवन के परिसर में चौधरी साहब की प्रतिमा लगवायी। सैफई हैबरा में चौधरी चरण सिंह पीजी कालेज स्थापित किया और मेरठ विश्वविद्यालय का नाम चैधरी साहब पर रखा। उन्होंने कहा कि अजीत सिंह ने उसे अपने संकीर्ण स्वार्थो के लिए तोडऩे का काम किया है।
1987 में श्री अजीत सिंह का व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए पार्टी तोडऩा चौधरी चरण सिंह के मिशन के साथ धोखा था। मुलायम सिंह यादव ने अजीत सिंह को अपनी गलती को सुधारकर राजनीति के बड़े मंच पर आने की सलाह दी थी क्योंकि वे अपने नेता के बेटे को भाई का ही दर्जा देते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अजीत सिंह का अनर्गल बयान बसपा और भाजपा जैसी ताकतों को ही बल प्रदान करने वाला है। सपा प्रवक्ता ने एक बार फिर अजित को मुलायम सिंह के प्रस्ताव पर विचार करने की सलाह दी।












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