चुनाव के दौरान पेड न्यूज नहीं चल सकेगी: आयोग

मुख्य निर्वाचन आयुक्त एस. वाई. कुरैशी के नेतृत्व में आयी आयोग की टीम ने राज्य के हालातों को जायजा लिया तथा विपक्षी पार्टियों से लेकर सत्ता पक्ष सभी से मुलाकात की। श्री कुरैशी ने कहा कि ऐसा कानून बनाने की पहल की जा रही है जिससे वे लोग चुनाव मैदान से दूर हो जाएग जो पांच वर्ष या उससे अधिक समय तक जेल में सजा काट चुके हैं। इतना ही नहीं उन लोगों से भी चुनाव लडऩे का अधिकार वापस ले लिया जाएगा जिन पर किसी अपराध के सिलसिले में अदालत द्वारा अरोप तय किए जा चुके होंगे।
उन्होंने कहा कि इसके लिए पूर्व केन्द्रीय कानून मंत्री वीरप्पा मोइली से विचार विमर्श जारी है। श्री कुरैशी ने कहा कि उपरोक्त विषय पर चल रही चर्चा अन्तिम दौर में थी लेकिन इसी बीच उनका मंत्रालय बदल गया। उन्होंने कहा कि नये कानून मंत्री सलमान खुर्शीद से आयोग की बात हुई है। जल्दी ही राजनीतिक दलों और श्री खुर्शीद से बातचीत कर कानून को अंतिम रुप दिया। श्री कुरैशी ने कहा कि चुनाव के दौरान पेड न्यूज छपने से रोकने के लिए निर्वाचन आयोग गंभीर है। इस विषय में भी जल्द ही कानून लाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में एक प्रत्याशी सोलह लाख रुपये खर्च कर सकता है लेकिन कई दलों के अपने न्यूज चैनल हैं। इनके माध्यम से सम्बंधित दल अपना चुनाव प्रचार करते रहते हैं। अब यह आसान न होगा क्योंकि इसे भी चुनाव प्रचार में किए गये खर्च में जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव जनवरी या फरवरी में कराने की मांग की है। आयोग इस मांग पर विचार करेगा। मतदाता सूची में गड़बड़ी की बात को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में करीब डेढ़ करोड़ ऐसे
मतदाता हैं जिनके नाम मतदाता सूची से गायब हैं। आयोग ने निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया कि सूची की इस खामी को जल्द दूर किया जाए। श्री कुरैशी मण्डलायुक्तों और जिलाधिकारियों द्वारा की गयी चुनाव तैयारियों से संतुष्टi दिखायी दिए। श्री कुरैशी ने अधिकारियों की तबादला नीति पर गौर किये जाने पर बल दिया। ज्ञात हो कि विपक्षी दलोंने आरोप लगाया था कि सरकार अपने खास अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर तैनात कर रही है। आयुक्त ने कहा कि जो अधिकारी तीन साल से एक जगह पर होंगे या जिनके सम्बंध में किसी खास राजनीतिक दल के लिए काम करने की शिकायत सच पायी जायेगी उन्हें तत्काल हटा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि बंगलादेशी नागरिकों को मतदाता सूची से तत्काल हटाये जाने तथा भारत नेपाल सीमा से सटे जिलों में खास निगरानी के आदेश दिये गये हैं।












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