कैश फार वोटः अमर सिंह बता रहे हैं पुलिस को अमर कहानी

Cash-for-votes scam: Amar Singh appears for questioning
दिल्ली। कैश फार वोट मामले में सपा के पूर्व नेता और राज्यसभा सांसद आज ठीक 10.45 बजे दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच आफिस पहुंचे। जहां अमर सिंह से पुलिस ने बारह सवालों के जवाब मांगे। सूत्रों ने बताया कि मुख्य रूप से जो सवाल अमर सिंह से किए गए उसमें पहला प्रश्न फोन नंबर को लेकर था। पुलिस यह जानना चाहती थी कि यह फोन नंबर किसका है और किसने इस नबंर से बात की थी। पुलिस ने अमर सिंह से यह भी जानना चाहा है कि क्या पैसों को लेनदेन में इस नबंर का प्रयोग हुआ या इस नंबर का पैसों के लेनदेन में क्या संबंध हैं।

सूत्रों ने बताया कि अमर सिंह से पुलिस ने जो तीसरा सवाल दागा वह यह कि सांसदों को दिए गए रुपये किन बैंकों से निकाले गए और उसका अकाउंट नंबर क्या है। यानी पुलिस इस मामले की तह तक जाना चाहती है कि आखिर किस खाते से पैसे निकाले गए। अमर सिंह से जो अगला प्रश्न पूछा गया वह यह कि दो दिन पूर्व गिरफ्तार संजीव सक्सेना के साथ आपके क्या संबंध हैं। क्या सक्सेना को सांसदों के यहां आपका ड्राइवर लेकर गया था। पुलिस ने यह भी जानना चाहा कि क्या संजीव सक्सेना को आपने ही सांसदों से मिलवाया था। पुलिस के सूत्रों ने बताया कि अमर सिंह से एक प्रश्न सांसदों के संबंधों को लेकर था।

उनसे पूछा गया कि नोट कांड से सांसदों के क्या संबंध थे। अमर सिंह से उनके ड्राइवर संजय के बारे में भी पूछताछ की। सूत्रों ने बताया कि उनसे पूछताछ अभी जारी है। बताया जा रहा है कि अमर सिंह एक एक प्रश्न का उत्तर बड़े ही धैर्य से जवाब दे रहे हैं। एक सूत्र ने बताया कि अमर सिंह ने इस पूरे मामले में अपने को पाक साफ बताया है। उन्हें उन एक करोड़ रुपये के बारे में भी अपनी अनभिज्ञता जाहिर की है जिसे भाजपा सांसदों ने संसद के अंदर लहराया था।

उधर, इस मामले में गिरफ्तार सिंह के कथित सहयोगी रहे संजीव सक्सेना एवं भारतीय जनता पार्टी के कथित कार्यकर्ता सुहैल हिन्दुस्तानी की हिरासत की अवधि आज ही समाप्त हो रही है। उन दोनों को एक दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेजा गया था। तीसहजारी अदालत की न्यायाधीश संगीता ढींगरा सहगल ने दोनों को पुलिस हिरासत में सौंपने का आदेश दिया था। संजीव को गत रविवार को गिरफ्तार करके अगले दिन अर्थात सोमवार को अदालत में पेश किया गया था, जहां से उसे पहले तीन दिनों के लिए पुलिस हिरासत में सौंपा गया था, जबकि सुहैल को बुधवार को को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर गुरुवार को अदालत में पेश किया गया।

उल्लेखनीय है कि मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के 22 जुलाई 2008 को विश्वासमत हासिल करने के दौरान भाजपा के सांसदों ने नोटों का बंडल संसद में लहराते हुए सरकार पर सांसदों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया था। बाद में इस घटना की जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दी गई थी।

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