उत्तर प्रदेश: सीबीआई ने जेल अधीक्षक व जेलर के बयान दर्ज किए

इसके उपरान्त जेल अधीक्षक एसएचएम रिजवी और जेलर भीमसेन मुकुंद को सीबीआई कार्यालय बुलाकर उनके बयान कलम बंद किए गये। यूपी परिवार कल्याण विभाग के डिप्टी सीएमओ डा. योगन्द्र सिंह सचान की हत्या की जांच जेल के इर्द-गिर्द घूम रही है। जांच के तीसरे दिन सीबीआई ने लखनऊ जिला जेल का दौरा किया। सीबीआई ने जेल में अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की। सीबीआई की टीम सवेरे ही जिला जेल पहुंच गयी दौर उन्होंने कई कोठरियों का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने यह जानने का प्रयास किया कि डा. सचान की मौत से पूर्व जेल में क्या-क्या असामान्य घटित हुआ। सीबीआई ने जेल अधिकारियों तथा कर्मचारियों के बयान दर्ज किये। ज्ञात हो कि डा. सचान की बीती 22 जून को हत्या की गयी थी। सीबीआई के एसपी नीलाभ के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम हत्या की जांच कर रही है। अधिकारियों ने जेल में रखे रिकार्ड देखे तथा भी जानने का प्रयास किया कि मौत से पूर्व डा. सचान से कौन-कौन से लोग मिलने आए। सीबीआई ने जेल चिकित्सालय के उस कमरे को भी देखा जा डा. सचान का शव मिला था।
जेल परिसर का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों ने जेल अधीक्षक एसएचएम रिजवी और जेलर भीमसेन मुकुंद को सीबीआई कार्यालय बुलाया। कार्यालय में दोनों अधिकारियों से अलग-अलग दो घंटों तक पूछताछ की गयी। कहा जा रहा है कि दोनों अधिकारियों की मामले में भूमिका संदिग्ध है इस बात को ध्यान में रखते हुए सीबीआई अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है।
सीबीआई ने गत 15 जुलाई को हत्या को भारतीय दंड विधान की धारा 302 और 120बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। उच्च न्यायालय ने सीबीआई को तीन माह के भीतर मामले की जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि डा. सचान पर परिवार कल्याण विभाग वित्तीय अनियमितता करने का आरोप था जिसके चलते उन्हें अप्रैल माह में गिरफ्तार किया गया था।
पूर्व में मामले की जांच कर रही सीबीसीआईडी ने अपनी रिपोर्ट में डा. सचान को सीएमओ डा. विनोद कुमार आर्या व डा. बीपी सिंह की हत्या का आरोपी ठहराया था। इस मामले में डा. सचान को 23 जून को बयान देना था लेकिन उससे ठीक एक दिन पहले जेल में उनकी हत्या कर दी गयी।












Click it and Unblock the Notifications